तुमसर में ‘जहरीला’ हुआ नल का पानी: गंदे जल से बढ़ा बीमारी का खतरा, नागरिकों में आक्रोश
तुमसर शहर में पिछले कई दिनों से नप द्वारा जंतुयुक्त और मटमैले पानी की आपूर्ति की जा रही है। वायरल बुखार के बीच दूषित जल से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे नागरिकों में भारी रोष है।
Bhandara Water Crisis News: तुमसर जल ही जीवन है, ऐसा कहा जाता है लेकिन यदि यह जल ही नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा हो तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। शहर में कुछ दिनों से नप द्वारा नल के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति जंतुयुक्त एवं गंदा जल की सप्लाई के आरोप लगे हैं। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की लापरवाही को यह दर्शाता है। फिर भी इस ओर जलापूर्ति विभाग एवं सबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा ध्यान नही देना यह खेद का विषय है।
शहर में वर्तमान में वायरल बुखार मुंह बाए खड़ा है और इसमें गंदे पानी का सेवन आग में घी डालने का काम कर रहा है। इससे नागरिकों द्वारा असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। गंदे पानी की आपूर्ति के कारण क्या हैं कब तक पानी की आपूर्ति इसी तरह जारी रहेगी इस बारे में किसी ने भी नागरिकों को बताना उचित नहीं समझा है। नागरिकों द्वारा नप प्रशासन से तत्काल इस दिशा में कार्रवाई करने की मांग की गई है।
दूषित जलापूर्ति से स्वास्थ्य को खतरा
शहर में नल के माध्यम से सुचारु रुप से पानी वितरित नहीं होने एवं दूषित जलापूर्ति होने से नगरवासियों को विभिन्न बीमारियों को खतरा है। इससे नागरिकों में रोष का वातावरण निर्माण हुआ है। शहर के नागरिकों से वर्ष भर का जलकर वसूल किया जाता है, साथ ही शहर के अनेक प्रभागों में गंदा एवं मटमैले पानी की आपूर्ति होने से नागरिकों को उदर संबंधी एव संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ गई है।
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नालियों से भी अधिक गंदे पानी की आपूर्ति होने से नगरवासी यह दूषित जल ही पीने को मजबूर हैं। कई लोग दूषित जल से बचने के लिए दूर स्रोतों से पेयजल ला रहे हैं। पहले जलापूर्ति बाधित होने से लोग परेशान रहते थे, तो अब दूषित जल परेशानी का कारण बन गया है। दूषित जल से जल जनित रोग होने की संभावना बढ़ गई है।
