Bhandara News: भंडारा जिले में प्रशासन द्वारा किए गए पुनः सर्वेक्षण के बाद एकल महिलाओं की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पहले किए गए सर्वेक्षण में जहां केवल 14 हजार 210 एकल महिलाओं को ही दर्ज किया गया था, वहीं नए सर्वेक्षण में यह संख्या बढ़कर 65 हजार 430 तक पहुंच गई है।
एकल महिला पुनर्वसन समिति के राज्य निमंत्रक हेरंब कुलकर्णी ने पहले हुए सर्वेक्षण पर आपत्ति जताते हुए पुनः सर्वेक्षण की मांग की थी। इस मुद्दे पर मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए दोबारा सर्वेक्षण के आदेश दिए।
इसके बाद जिला परिषद प्रशासन ने मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 10 जनवरी से 1 मार्च के बीच जिले के सभी तहसीलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं का पुनः सर्वेक्षण किया।
इस सर्वेक्षण में भंडारा जिले में कुल 65 हजार 430 एकल महिलाएं दर्ज हुई हैं। इनमें सर्वाधिक 60 हजार 459 महिलाएं विधवा हैं, जबकि 1 हजार 705 परित्यक्ता, 1 हजार 767 तलाकशुदा और 1 हजार 499 अविवाहित एकल महिलाएं शामिल हैं।
इनमें से 50 हजार 554 महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आयु वर्ग के अनुसार आंकड़ेसर्वेक्षण के अनुसार 30 वर्ष तक की 882, 31 से 40 वर्ष की 4 हजार 560, 41 से 50 वर्ष की 9 हजार 886, 51 से 65 वर्ष की 22 हजार 971 और 65 वर्ष से अधिक आयु की 29 हजार 190 एकल महिलाएं जिले में पाई गई हैं।
इनमें से 48 हजार 348 महिलाएं संजय गांधी निराधार योजना, श्रावणबाल योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ ले रही हैं, जबकि 2 हजार 206 महिलाओं के बच्चों को बाल संगोपन योजना का लाभ मिल रहा है। तहसील अनुसार आंकड़ेतहसील स्तर पर भंडारा ग्रामीण क्षेत्र में 10 हजार 719 और शहरी क्षेत्र में 7 हजार 793, कुल 18 हजार 512 एकल महिलाएं दर्ज की गई हैं।
इसके अलावा मोहाडी में 9 हजार 251, तुमसर में 10 हजार 37, लाखनी में 6 हजार 398, साकोली में 7 हजार 192, पवनी में 8 हजार 295 और लाखांदुर में 5 हजार 745 एकल महिलाएं दर्ज हुई हैं। प्रतिक्रियाएकल महिला पुनर्वसन समिति के राज्य निमंत्रक हेरंब कुलकर्णी ने कहा कि प्रशासन ने सर्वेक्षण में हुई कमी को स्वीकार करते हुए पुनः सर्वेक्षण की आवश्यकता को समझा है।