Bhandara News: मराठी नववर्ष गुढ़ी पाड़वा के अवसर पर पवनी तहसील के तिर्री ग्राम पंचायत के अंतर्गत शेगांव में जल अर्पण दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया.
इस दौरान ग्रामीणों ने जल प्रबंधन की प्रतीक जल गुढ़ी तैयार कर सौर ऊर्जा पर आधारित नल जल योजना को आधिकारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंप दिया. केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशानुसार 8 से 22 मार्च तक विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में जल लोक महोत्सव मनाया जा रहा है.
इसी कड़ी में 19 मार्च को शेगांव में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. साल 2022 में गांव में स्थापित सौर ऊर्जा संचालित नल योजना के हस्तांतरण की प्रक्रिया को उत्सव का रूप दिया गया. मात्र 38 परिवारों वाले इस गांव में जल उत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया.
गांव के प्रवेश द्वार से भव्य जल रैली और जल दिंडी निकाली गई, जिसमें भजनी मंडल, स्कूली छात्र और महिलाएं शामिल हुईं. पानी की टंकी के पास पहुंचकर जल पूजन किया गया. महिलाओं ने जल स्रोत और टंकी को जल बंधन रक्षा सूत्र बांधकर योजना को टिकाऊ रूप से चलाने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर हर घर जल घोषित गांव का लोकार्पण मान्यवरों के हाथों किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम और रंगोली स्पर्धा गांव के मुख्य चौक पर आयोजित सभा में तिर्री और शेगांव के प्राथमिक शाला के छात्रों ने लघु नाटिका और गीतों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया.
महिलाओं के लिए रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें जल प्रबंधन और जल गुणवत्ता जैसे विषयों को आकर्षक ढंग से उकेरा गया. परियोजना संचालक माणिक चव्हान और कार्यकारी अभियंता हितेश खोब्रागडे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में आधिकारिक दस्तावेज ग्राम पंचायत पदाधिकारियों को सौंपे गए.
सरपंच सुरेंद्र आयतुलवार ने बताया कि केवल 200 रुपये वार्षिक जल कर में ग्रामीणों को भरपूर पानी मिल रहा है. उन्होंने ग्रामीणों से इस योजना को अपनी जिम्मेदारी समझकर सहेजने का आह्वान किया.
कनिष्ठ अभियंता रजनी भेंडारकर और अंकुश गभने ने योजना के तकनीकी प्रबंधन और भविष्य में इसकी निरंतरता बनाए रखने पर मार्गदर्शन किया.