

Bhandara Legal Services Authority: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंबई के निर्देशानुसार प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष माधुरी आनंद के मार्गदर्शन में साकोली के दिवाणी एवं फौजदारी न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
तहसील विधिक सेवा समिति की ओर से आयोजित लोक अदालत में न्यायालयीन लंबित तथा वादपूर्व कुल 1,784 प्रकरण रखे गए। इनमें से 69 प्रकरणों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इन प्रकरणों के निपटारे से कुल 20 लाख 16 हजार 958 रुपए की वसूली हुई। न्यायालय में लंबित प्रकरणों के साथ ही वादपूर्व मामलों को भी शामिल किया गया था। इनमें बैंक, ग्राम पंचायत, महावितरण, पारिवारिक विवाद तथा दिवानी दावों से संबंधित प्रकरण शामिल थे।
लोक अदालत का उद्घाटन प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष माधुरी आनंद ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित निपटारा करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सामंजस्य से निपटारा कर पक्षकारों को राहत दिलाने का आह्वान किया।
लोक अदालत के लिए दिवाणी एवं फौजदारी न्यायाधीश वी.एम. गायकवाड़ ने पैनल प्रमुख के रूप में तथा टी.जे. हटवार ने पैनल सदस्य के रूप में कार्य किया। प्रकरणों को आपसी समझौते से निपटाने में न्यायालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही वकील संघ, पुलिस विभाग, पक्षकारों एवं अन्य संबंधितों ने सहयोग किया।