मुंबई में वायु प्रदूषण पर नकेल: BMC और ARAI का MMR में सर्वे शुरू, हॉटस्पॉट और नए स्रोतों की होगी पहचान

Pollution Survey Mumbai: मुंबई में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बीएमसी ने एआरएआई के साथ मिलकर एमएमआर क्षेत्र में प्रदूषण उत्सर्जन के नए स्रोतों और हॉटस्पॉट की पहचान का सर्वेक्षण शुरू किया है।
Search for new sources of pollution in Mumbai-MMR: BMC and ARAI launch field survey
वायु प्रदूषण सर्वेक्षण, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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BMC ARAI Air Pollution Survey: मानसून की विदाई के साथ मुंबई में वायु गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका के बीच बीएमसी ने प्रदूषण के खिलाफ नई रणनीति तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

बीएमसी ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के साथ मिलकर मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में प्रदूषण उत्सर्जन का हाई-रिजॉल्यूशन इन्वेंटरी तैयार करने के लिए मैदानी सर्वेक्षण शुरू किया है।

इस अध्ययन के जरिए मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे सहित पूरे एमएमआर में प्रदूषण के हॉटस्पॉट और उत्सर्जन के नए स्रोतों की पहचान की जाएगी। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मुंबई के कुछ वाडों में जमीनी स्तर पर प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की जांच शुरू की गई है।

वातावरण लगातार बदल रहा है और प्रदूषण के स्रोत भी तेजी से विकसित हो रहे ऐसे में नए सिरे से प्रदूषण नियंत्रण की योजना तैयार करने के लिए वर्तमान समय में उत्सर्जन के वास्तविक स्रोतों की पहचान करना जरूरी है। चरणबद्ध तरीके से यह सर्वेक्षण एमएमआर के अन्य हिस्सों में भी शुरू किया जाएगा।

इस अध्ययन में वाहनों की संख्या, घरों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन सहित प्रदूषण से जुड़े विभिन्न स्रोतों का डेटा एकत्र किया जाएगा। खास बात यह है कि पहले की तुलना में इस बार अध्ययन का दायरा केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा,

बल्कि पूरे एमएमआर को एक साझा एयरशेड के रूप में देखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि एक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषक तेजी से दूसरे क्षेत्र में पहुंच सकते हैं। इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए एयरशेड आधारित रणनीति तैयार की जाएगी।

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आवासीय क्षेत्र में ज्यादा प्रदूषण

इस पूरी कवायद से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल प्रस्तावित एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम में किया जाएगा। इन प्रणालियों को पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) विकसित कर रहा है।

इसका उद्देश्य प्रदूषण की स्थिति का पहले से अनुमान लगाकर समय रहते नियंत्रण उपाय लागू करना है। इससे पहले 2019 में बीएमसी ने ग्रीन हाउस गैस और प्रदूषण उत्सर्जन के स्रोतों का अध्ययन कराया था। इसमें आवासीय क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रदूषण पाया गया था।

एक वर्ष से अधिक समय तक चलेगा अध्ययन

इसके बाद वाणिज्यिक एवं संस्थागत इमारतों और सड़क परिवहन का स्थान था। मुंबई बीएमसी ने अक्टूबर 2025 में एआरएआई को नए उत्सर्जन स्रोतों की पहचान की जिम्मेदारी सौंपी थी।

यह अध्ययन एक वर्ष से अधिक समय तक चलेगा, ताकि गर्मी, मानसून और सर्दी के दौरान प्रदूषण के बदलते पैटर्न का विस्तृत विश्लेषण किया जा सके।

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