ठाणे में राष्ट्रीय लोक अदालत से बड़ी राहत, लंबित ई-चालान के 7,001 मामले निपटे, जमा हुए ₹1.57 करोड़

Thane Traffic Police: ठाणे राष्ट्रीय लोक अदालत में ई-चालान बकाया के 7,001 लंबित मामलों का निपटारा हुआ। इस दौरान कुल 1 करोड़ 57 लाख 33 हजार रुपये का जुर्माना शासन को प्राप्त हुआ।
Major relief through National Lok Adalat in Thane: 7,001 pending e-challan cases settled, ₹1.57 crore collected
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स:- AI
Published on
Updated on

Thane National Lok Adalat: ठाणे में यातायात नियमों का उल्लंघन कर ई-चालान का जुर्माना बकाया रखने वाले वाहन चालकों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। गत दिवस आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन मालिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

ठाणे शहर ट्रैफिक पुलिस की 18 इकाइयों के तहत लंबित 7 हजार 1 मामले समझौते के बाद निपटाए गए, जबकि 1 करोड़ 57 लाख 33 हजार 75 रुपये का बकाया ई-चालान जुर्माना अदालत में जमा कराया गया।

ठाणे शहर पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा है कि ई-चालान बकाया न रखें, नियमों का पालन करें एवं जुर्माना बचाएं।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगाया गया जुर्माना समय पर न भरने पर संबंधित वाहन चालक के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज किया जाता है। ऐसे लंबित मामलों का समझौते के जरिए निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था।

प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.डी. सावंत के मार्गदर्शन में ठाणे जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव रवींद्र पाजणकर की पहल पर यह लोक अदालत आयोजित की गई। इस अवसर पर ठाणे शहर यातायात शाखा की 18 इकाइयों के लंबित मामलों पर सुनवाई की गई।

वाहन मालिकों द्वारा समझौते के बाद बकाया जुर्माना भरने से हजारों मामलों का निपटारा हुआ और शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई।

Major relief through National Lok Adalat in Thane: 7,001 pending e-challan cases settled, ₹1.57 crore collected
PCMC Moshi Hospital: 25 एकड़ में बन रहा 8 मंजिला अस्पताल, 65% काम पूरा; YCM पर भी घटेगा दबाव

नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके अनुसार संबंधित वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान भेजा जाता है।

लेकिन जुर्माना भरने में लापरवाही बरतने पर आगे अदालती कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे लंबित मामलों को समझौते के माध्यम से निपटाने का अवसर हर तीन महीने में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदान किया जाता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com