साकोली: प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों का अनशन खत्म; धान खरीदी, भुगतान और वनाधिकारों पर बनी सहमति
Sakoli Farmers Protest News: साकोली में किसानों ने प्रशासन के आश्वासन के बाद आमरण अनशन समाप्त किया। धान खरीदी, बकाया भुगतान और जमीन अधिकार की मांगें प्रमुख रहीं।
Maharashtra Farmers 2026: साकोली के 28 वनाधिकार किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 20 अप्रैल से तहसील कार्यालय के सामने शुरू किया गया था। अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आखिरकार 22 अप्रैल को प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया।
यह आंदोलन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला महासचिव कॉमरेड मनोहर रंगारी के नेतृत्व में चलाया जा रहा था। धान खरीदी में देरी, बकाया भुगतान और मूलभूत सुविधाओं की कमी से नाराज किसानों ने यह कदम उठाया था। इस आंदोलन में जागो वलथरे, रामकृष्ण गजापुरे, मनोहर कापगते, अमरीश वलथरे, राजकुमार वलथरे, बलीराम निंबेकर सहित कई किसान शामिल थे।
किसानों की प्रमुख मांगों में श्रीराम सहकारी राइस मिल र.न. 110 साकोली के धान खरीदी केंद्र पर वर्ष 202526 की फसल की माप होने के बावजूद ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी न होने से अटके भुगतान को तुरंत किसानों के खातों में जमा करना, सातबारा रिकॉर्ड से सरकार नाम हटाकर पट्टाधारक और उनके वारिसों का नाम दर्ज करना, फार्मर आईडी, फसल बीमा और वनाधिकार किसानों के रिकॉर्ड में सुधार करना शामिल था।
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इसके अलावा, खेती के लिए बोरवेल/कुआं, कृषि उपकरण और बैलगाड़ी उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।नायब तहसीलदार व डॉ रंगारी की मध्यस्थता22 अप्रैल को नायब तहसीलदार श्यामराव शेंडे, जिला विपणन अधिकारी के प्रतिनिधि तथा धान खरीदी संघ के अध्यक्ष डॉ. नेपाल रंगारी की मध्यस्थता में किसानों से चर्चा हुई।
प्रशासन ने सभी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों को नींबू पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इस दौरान डॉ. नेपाल रंगारी ने तहसीलदार निलेश कदम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी का लक्ष्य नहीं बढ़ाए जाने से बड़ी मात्रा में धान खरीदी केंद्रों पर पड़ा हुआ है।
साथ ही 31 मार्च तक किसानों के खातों में भुगतान न होने के कारण कई किसान फसल ऋण नहीं चुका पाए। उन्होंने मांग की कि ऐसे किसानों को ब्याज से राहत देने के लिए सरकार संबंधित बैंकों को निर्देश जारी करे। प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
