Bhandara News: बॉटम दम तोड़ती टेकेपार सिंचाई को संजीवनी देने की तैयारी। भंडारा, ब्यूरो। जिले के किसानों की जीवन रेखा मानी जाने वाली टेकेपार लिफ्ट सिंचाई योजना के अच्छे दिन आने वाले हैं। पिछले पच्चीस वर्षों से अनवरत सेवा दे रही इस पुरानी पड़ चुकी योजना को अब महाराष्ट्र सिंचाई सुधार विशेष कार्यक्रम यानी एमआईआईएसपी के अंतर्गत शामिल करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किया गया है।
गोसीखुर्द परियोजना के पहले चरण के रूप में दिसंबर 1998 में शुरू हुई इस योजना का बुनियादी ढांचा अब समय की मार और रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है, जिसे बड़े स्तर पर तकनीकी सुधारों की दरकार है। जिले के 41 गांवों के लिए वरदान वैनगंगा नदी के तट पर स्थित यह योजना भंडारा जिले के 41 गांवों के लिए वरदान साबित हुई है।
इस परियोजना के माध्यम से लगभग सात हजार से अधिक किसान परिवारों की 6,315 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलता है। योजना के मुख्य पंप हाउस में 850 अश्वशक्ति के सात भारीभरकम पंप कार्यरत हैं, जो नदी का पानी 33 मीटर की ऊंचाई पर बने वितरण कुंड तक पहुंचाते हैं।
हालाँकि, पिछले ढाई दशक से लगातार चल रहे इस तंत्र में अब कई गंभीर तकनीकी अड़चनें पैदा हो गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन पंपों की कार्यक्षमता की मियाद महज 15 वर्ष होती है, जबकि ये पंप पच्चीस साल पूरे कर चुके हैं। इसके चलते पंप हाउस और स्विचयार्ड के ट्रांसफार्मर कभी भी जवाब दे सकते हैं।
प्रस्तावित सुधार कार्यक्रम के तहत सिंचाई प्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें पुराने पंपों की जगह नई तकनीक के शक्तिशाली पंप लगाना और पूरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम का नवीनीकरण करना शामिल है।