Bhandara News: उमरेड-पवनीकर हांडला वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास आकर्षण देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां हाल ही में बाघिन अपने शावकों के साथ पर्यटकों को रोमांचित कर रही है, वहीं अब एक बेहद दुर्लभ कृष्णवर्णीय चीतल मेलानिस्टिक डियर के दर्शन ने उत्सुकता और बढ़ा दी है.जानकारी के अनुसार, पवनी गेट सफारी के दौरान जंगल क्षेत्र में इस दुर्लभ चीतल को देखा गया.
इस अनोखे दृश्य को पर्यटन मार्गदर्शक दिनेश डहारे ने अपने कैमरे में कैद किया. सामान्यतः चीतल भूरे रंग के होते हैं जिन पर सफेद धब्बे होते हैं, लेकिन इस चीतल का रंग गहरा काला दिखाई दिया, जो पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, इस चीतल में मेलानिज़्म नामक दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था पाई जाती है.
इस स्थिति में शरीर में मेलानिन रंगद्रव्य की मात्रा अधिक होने के कारण जानवर का रंग सामान्य से अधिक गहरा या लगभग काला दिखाई देता है. प्राकृतिक वातावरण में चीतलों में इस प्रकार का रंग परिवर्तन अत्यंत दुर्लभ माना जाता है.