Bhandara News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत भंडारा जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. जिले के 2 लाख 14 हजार 219 पात्र किसानों के बैंक खातों में 22वीं किस्त के रूप में कुल 43.47 करोड़ रुपये की राशि 13 मार्च को जमा कर दी गई है.केंद्र सरकार की ओर से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण डीबीटी के माध्यम से वितरित इस निधि से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है.
प्रशासन की ओर से चलाए गए विशेष अभियानों और किसानों की तकनीकी त्रुटियों को दूर किए जाने के कारण इस बार लाभार्थियों की संख्या में 4,175 की वृद्धि देखी गई है.
पिछली 21वीं किस्त के दौरान जिले के 2 लाख 10 हजार 44 लाभार्थियों के खातों में 42.01 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे, जो अब बढ़कर 2,14,219 हो गए हैं.योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए ईकेवाईसी को अनिवार्य किया गया था.
जिले के कुल 2,32,389 पंजीकृत किसानों में से 2,29,595 किसानों ने अपनी ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है.विशेष शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ने के बाद कई रुके हुए भुगतान भी बहाल हो गए हैं.
विसंगतियों को दूर करने का प्रयास ईकेवाईसी और लैंड सीडिंग में सुधार के बावजूद अभी भी 2,794 किसान तकनीकी कारणों से इस लाभ से वंचित रह गए हैं.जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ सक्रिय किसान हैं, जबकि कुछ रिकॉर्ड मृत किसानों के पाए गए हैं.
इसके अतिरिक्त आयकर भरने वाले और दस्तावेजों की कमी वाले अपात्र लाभार्थियों की किस्तें सरकार ने रोक दी हैं.एक ही परिवार में दो लाभार्थी होने या भूमि हस्तांतरण के पुराने रिकॉर्ड होने जैसी विसंगतियों को दूर करने के लिए जिले में गहन छंटनी प्रक्रिया चलाई गई है.
फार्मर आईडी अनिवार्य किया गया आमतौर पर दिसंबरजनवरी में आने वाली यह किस्त इस बार डेटा सत्यापन, संदिग्ध खातों की छंटनी और एग्रीस्टैक प्रणाली के एकीकरण के कारण मार्च में जमा हुई है.
तकनीकी कारणों से पोर्टल कुछ समय बाधित रहने से आगामी नियोजन में भी बाधाएं आईं, हालांकि अब प्रक्रिया सुचारू हो गई है.आगामी किस्तों के लिए केंद्र सरकार ने एग्रीस्टैक के तहत डिजिटल किसान पहचान पत्र फार्मर आईडी को अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया है.