आवारा कुत्तों के हमले से दहशत, नागरिकों में डर का माहौल, तत्काल उपाययोजना करने की मांग

Stray Dog ​​Attacks: साकोली में कुछ महीनों से आवारा कुत्तों का प्रमाण काफी बढ़ गया है। कुत्तों के झुंड द्वारा हमले की घटनाएं निरंतर सामने आ रही है। जिसके कारण नागरिकों में डर का माहौल है।
आवारा कुत्तों के हमले से दहशत
आवारा कुत्तों के हमले से दहशत (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Bhandara News: साकोली शहर में कुछ महीनों से आवारा कुत्तों का प्रमाण काफी बढ़ गया है। कुत्तों के झुंड द्वारा हमले की घटनाएं निरंतर सामने आ रही है। जिसके कारण नागरिकों में डर का माहौल है। नप प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर उपाययोजना करने की मांग नागरिक कर रहे हैं। राष्ट्रीय महामार्ग के साथ ही गली चौराहों पर बड़े पैमाने में झुंड दिखाई देते हैं। कुत्तों के यह झुंड लोगों पर अटैक करते हैं। इतना ही नहीं अचानक से दोपहिया वाहनों के सामने आने से दुर्घटनाएं घट रही है।

आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित रहे इसके लिए प्रतिवर्ष नगर परिषद द्वारा नसबंदी की जानी चाहिए। पिछले 5 वर्ष पूर्व लाखों रुपए खर्च कर नसबंदी की गई थी, लेकिन उसका असर दिख नहीं रहा है क्या वाकई में करीब 4 लाख रुपए नसबंदी पर खर्च किए गए थे का सवाल जनता कर रही है? कि सब आंनद हीं आंनद गडे।।।।

छोटे बच्चों में डर का माहौल - भांडारकर

सामाजिक कार्यकर्ता प्रविण भांडारकर ने कहा कि, कुत्ते कांटने के लिए दौड़ने के कारण इन दिनों छोटे बच्चों में डर का माहौल निर्माण हो गया है। बच्चे घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ट्युशन क्लास में अगर बच्चा साइकिल से अकेला जाता है तो पालकों में चिंता बनी रहती है। जिससे तत्काल प्रशासन ने उपाययोजना कर आवारा कुत्तों का बंदोबस्त करना चाहिए।

प्रशासन की हो रही अनदेखी -कापगते

सामाजिक कार्यकर्ता सपन कापगते ने कहा कि, आवारा कुत्तों के झुंड से रात में साकोली क्षेत्र में अकेले दुपहिया से जाना कठिन हो गया है। आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर आएं दिन जानलेवा हमले की घटनाएं सामने आ रही है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अनदेखी से आश्चर्य व्यक्त हो रहा है।

वाहनों के सामने आकर घट रही दुर्घटनाएं- कापगते

सामाजिक कार्यकर्ता डाकराम कापगते ने कहा कि, साकोली राष्ट्रीय महामार्ग पर, सव्हीस रोड पर कुत्तों के झुंड वाहनों के सामने आ रहे हैं। जिसमें अब तक कई दुपहिया चालक गंभीर रुप से दुर्घटना के शिकार हुए है। इस दुर्घटना में कई लोगों में विकलांगता भी आयी है। प्रशासन द्वारा तत्काल उपाययोजना कर आवारा कुत्तों का बंदोबस्त करना चाहिए।

लोगों को कांट रहे कुत्ते- धुर्वे

सामाजिक कार्यकर्ता गोलु धुर्वे ने कहा कि, साकोली सेंदुरवाफा परिसर में आवारा कुत्तों के नियंत्रण पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की उपाययोजना नहीं की जा रही है। नगरपरिषद द्वारा शीघ्र प्रस्ताव पारित कर आवारा कुत्तों कि नसबंदी कि जानी चाहिए तथा आवारा कुत्तों के लिए स्लेटर हाउस बनाया जाए।

मॉर्निंग वॉक बंद हो गई - चुघ

गृहणी भारती उर्फ मधु चुघ ने कहा संपूर्ण नगर परिषद परिसर में आवारा कुत्तों की वजह से सभी में दहशत का माहौल है। और इसी दहशत के कारण अनेक लोगों ने मॉर्निंग वॉक करना छोड़ दिया है तथा इसका असर सहेत पर हो रहा है और अभी तो कुत्ते इतनी खतरनाक हो गए हैं कि छोटे बच्चों को अकेला देखकर हमला कर रहे हैं।

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