2 शिक्षकों के तबादले से नाराज़ ग्रामीणों शिक्षा विभाग को दिया अल्टीमेटम, कहा- स्कूल पर लगा देंगे ताला

Bhandara News: भंडारा के दिघोरी (मोठी) गांव में शिक्षक की भारी कमी से नाराज़ ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाने की चेतावनी दी। दो शिक्षकों के तबादले होने के कारण स्कूल के अब केवल एक शिक्षक ही है।
Villagers angry transfer of 2 teachers ultimatum to education department
प्राथमिक शाला दिघाेरी (फोटो नवभारत)
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Bhandara School Teacher Crisis News: शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी को लेकर भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील स्थित दिघोरी (मोठी) गांव में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। हाल ही में हुए दो शिक्षकों के तबादले से नाराज़ ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम दिया है कि जब तक नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वर्तमान शिक्षकों का तबादला रोका जाए, अन्यथा वे स्कूल पर ताला लगा देंगे।

जिला परिषद प्राथमिक शाला (क्र. 1) में कक्षा 1 से 4 तक के 102 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पहले से ही कुल चार कक्षाओं के लिए केवल तीन शिक्षक कार्यरत थे। अब दो शिक्षकों के तबादले के बाद स्कूल में सिर्फ एक ही शिक्षक बचा है, और उनकी भी सेवानिवृत्ति दिसंबर 2025 में होने वाली है। इस स्थिति ने छात्रों के भविष्य को लेकर पालकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन

इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों, पालकों और शाला प्रबंधन समिति ने एक ग्रामसभा का आयोजन किया। इसमें ग्राम पंचायत सरपंच विजय खोब्रागडे, पंचायत समिति उपसभापति संजना वरखडे, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष रत्नाकर बेंदवार, उपाध्यक्ष सुकेशिनी खोब्रागडे सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने मिलकर स्कूल के मुख्याध्यापक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें स्पष्ट मांग की गई है कि जब तक तीन नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक तबादला हुए शिक्षकों को कार्यमुक्त न किया जाए।

सभा में उपस्थित जिला परिषद सदस्य अविनाश ब्राम्हणकर ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हालांकि शिक्षकों का तबादला स्वेच्छा से पोर्टल के माध्यम से हुआ है, फिर भी विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पहले नए शिक्षकों को नियुक्त किया जाना चाहिए।

शिक्षा विभाग ने दिया आश्वासन

इस पूरे मामले पर गटशिक्षाधिकारी भगवान वरवटे ने पालकों को आश्वासन दिया कि शाला को शिक्षकों के बिना नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पालकों की मांग को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग जल्द ही उचित निर्णय लेगा और वरिष्ठ अधिकारियों से आदेश मिलते ही इस पर कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों का शैक्षिक नुकसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि शिक्षा विभाग ने इस मुद्दे पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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