स्कूल के पेड़ काटकर बेचने का आरोप: पालांदूर के प्रभारी मुख्याध्यापक के खिलाफ वन अपराध दर्ज, अनशन की चेतावनी
पालांदूर के गोविंद विद्यालय में प्रभारी मुख्याध्यापक पर स्कूल परिसर के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई और बिक्री का आरोप लगा है। वन विभाग ने मामला दर्ज किया है। स्थानीय नागरिकों ने अनशन की चेतावनी दी है।
Lakhni Illegal Tree Cutting News: लाखनी पालांदूर स्थित गोविंद विद्यालय में स्कूल परिसर के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई और उन्हें बेचे जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में वन विभाग ने प्रभारी मुख्याध्यापक के खिलाफ महाराष्ट्र वृक्षतोड़ अधिनियम 1964 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। राष्ट्रीय शिक्षण संस्था लाखनी के पत्र के आधार पर प्रभारी मुख्याध्यापक आनंदराव मदनकर पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल परिसर में लगे कुल 8 कीमती पेड़ कटवा दिए।
इनमें 6 सागवान, 1 शीशम और 1 नीम का पेड़ शामिल था। आरोप है कि इन पेड़ों को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के कटवाया गया और आपसी साठगांठ के जरिए बेच दिया गया। इस संबंध में वन विभाग ने 18 अप्रैल को वन अपराध प्रथम रिपोर्ट दर्ज की है। शिकायतकर्ता आल्हाद दिगंबर भांडारकर ने आरोप लगाया है कि इन पेड़ों को पालांदूर निवासी युवराज शिवनकर को बेचा गया था, जिसके बाद ट्रैक्टर के जरिए लकड़ी की ढुलाई की गई।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि मामला दर्ज होने के बाद सबूतों को नष्ट करने के लिए जेसीबी मशीन बुलाकर पेड़ों की जड़ों और अवशेषों को जमीन से पूरी तरह साफ कर दिया गया।
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इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने पेड़ों की कटाई और ढुलाई में इस्तेमाल की गई आरी, कटिंग मशीन, ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन को तुरंत जब्त करने की मांग की है। मामला दर्ज, वन विभाग जांच में जुटीनागरिकों का कहना है कि शिकायत दर्ज हुए लंबा समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई बड़ी ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा हो रहा है।
चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों को सजा नहीं मिली, तो वन विभाग कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि ये पेड़ संस्था के संस्थापक बापूसाहेब लाखनीकर ने अपने पिता की स्मृति में लगाए थे। फिलहाल अड्याल के वन परिक्षेत्र अधिकारी योगेश शर्मा ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और विभाग गहन जांच कर रहा है।
