ऑपरेशन फ्लश आउट: भंडारा में चार स्थानों पर छापेमारी, 1,900 किलो महुआ बरामद
Bhandara Illegal Liquor Raid: जिले में चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन फ्लश आउट अभियान के तहत गोबरवाही पुलिस ने अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।
Operation Flush Out (सोर्सः एआय जनरेटेड प्रतिकात्मक फोटो)
Bhandara Police Action News: भंडारा जिला पुलिस प्रशासन के निर्देशानुसार जिलेभर में चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन फ्लश आउट अभियान के तहत गोबरवाही पुलिस ने अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर अचानक छापेमारी कर करीब 1,900 किलोग्राम सड़ा हुआ महुआ जब्त किया और उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। जब्त की गई इस सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत 3 लाख 9 हजार रुपये बताई गई है।
गोबरवाही पुलिस थाना क्षेत्र में अलगअलग स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई। इस दौरान महाराष्ट्र शराब निषेध अधिनियम के तहत कुल चार अलगअलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के विस्तृत विवरण के अनुसार, पुलिस ने पहले ठिकाने पर दबिश देकर 800 किलोग्राम, दूसरे ठिकाने से 700 किलोग्राम, तीसरे स्थान से 300 किलोग्राम तथा चौथे ठिकाने से 100 किलोग्राम शराब बनाने योग्य सड़ा हुआ महुआ बरामद किया।
ये भी पढ़े: संभाजीनगर महानगरपालिका की सुस्त नालों की सफाई पर सभापति नाराज, बारिश से पहले काम पूरा करने के कड़े निर्देश
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जोन-3 में 21 आदतन अपराधी तड़ीपार, संगठित अपराध और वसूली पर कसा शिकंजा
गरीब मरीज जाएं तो कहां जाएं? नागपुर AIIMS में बेड की भारी किल्लत, ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन के लिए महीनों का इंतजार
अमित शाह ने गीता पढ़कर भी कीं गलतियां… केंद्रीय गृह मंत्री की नसीहत पर भड़के कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई
Akola News: महसूल समाधान शिविर से नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहत, पालक मंत्री आकाश फुंडकर ने किया शुभारंभ
गोबरवाही पुलिस ने 1,900 किलो सड़ा महुआ किया नष्ट
इसके बाद पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इस पूरे माल को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह पूरी सफल कार्रवाई पुलिस निरीक्षक शरद शेवाले के मार्गदर्शन में पूरी की गई। इस विशेष छापामार अभियान में पुलिस उपनिरीक्षक गीते एवं रोडे सहित पुलिस कांस्टेबल कडव, गेडाम, कांबले, गायधने, ठाकरे, गभने, पटले और कहालकर ने अत्यंत सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
