सांसद प्रशांत पडोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
MP Prashant Padole: भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. प्रशांत यादवरावजी पडोले ने प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर फिल्म के शीर्षक और विषयवस्तु पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
डॉ. प्रशांत पडोले ने अपने पत्र में कहा है कि ‘पंडत’ या ‘पंडित’ शब्द भारतीय समाज में सम्मान, विद्या, संस्कार और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ऐसे शब्द को ‘घूसखोर’ जैसे नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह एक पूरे समुदाय की छवि को धूमिल करने जैसा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘घूसखोर पंडत’ इस तरह के शीर्षक समाज में गलत संदेश फैलाते हैं और सामाजिक सौहार्द को गहरी चोट पहुंचा सकते हैं। सांसद ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय की गरिमा से खिलवाड़ करना स्वीकार्य नहीं है। इस प्रकार की फिल्में नफरत और अविश्वास की भावना को जन्म दे सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ने की आशंका रहती है।
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डॉ. प्रशांत पडोले ने मांग की है कि जब तक फिल्म के शीर्षक और कंटेंट में आवश्यक संशोधन नहीं किए जाते, तब तक इसके प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह के विवादित और विभाजनकारी शीर्षकों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आग में घी डालने जैसी स्थितियां न बनें।
इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष और महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है। सांसद का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि सरकार इस गंभीर मामले में आंख मूंदकर नहीं बैठेगी और शीघ्र ठोस कार्रवाई करेगी।