मोहाड़ी में धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा; बिना ऑनलाइन पंजीयन ट्रकों में भरा गया धान, किसानों ने खोला मोर्चा
Bhandara Paddy Procurement Scam: मोहाड़ी में धान खरीदी को लेकर किसानों में आक्रोश है। ऑनलाइन पंजीयन न होने से उन्हें न तो पावती मिली और न ही भुगतान। प्रशासन से न्याय की मांग।
Bhandara District Paddy News: मोहाड़ी तहसील के डोंगरगांव क्षेत्र में धान खरीदी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करडी स्थित खरीदी केंद्र पर हजारों क्विंटल धान खरीदे जाने के बावजूद उसे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं किए जाने से किसानों में भारी नाराजगी है।
किसानों का आरोप है कि उनकी फसल का न तो ऑनलाइन पंजीयन हुआ और न ही उन्हें वजन पावती या भुगतान मिला, जबकि उसी धान को गोदाम से उठाकर भराई मिलिंग के लिए भेज दिया गया।जानकारी के अनुसार, स्व. मातोश्री विमलबाई सुशिक्षित बेरोजगार संस्था को वर्ष 202526 के लिए धान खरीदी की अनुमति दी गई थी।
संस्था ने करडी और आसपास के क्षेत्र से दिसंबरजनवरी में किसानों का धान खरीदा और गोदाम में जमा कराया। लेकिन लिमिट खत्म होने का कारण बताकर बड़ी मात्रा में धान ऑनलाइन दर्ज ही नहीं किया गया। इससे किसानों के पास न तो कोई पावती है और न ही अपने धान का कोई प्रमाण। इसी बीच 18 अप्रैल को निलज खुर्द क्षेत्र के एक गोदाम से दो ट्रक धान भरकर मिलिंग के लिए भेजे गए।
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ट्रकों में भरकर भेजा गया धान
इसकी जानकारी मिलते ही किसानों ने ट्रकों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस समर्थन न मिलने से दोनों ट्रक धान लेकर निकल गए। इससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया है। किसानों का सवाल है कि जब उनका धान ऑनलाइन दर्ज ही नहीं हुआ, तो भराई डी.ओ. का आदेश कैसे जारी किया गया इस संबंध में पूछे जाने पर संबंधित अधिकारी ने बताया कि केवल ऑनलाइन दर्ज धान के लिए ही आदेश जारी किए गए हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहराता जा रहा है।
लाखों रुपये का माल फंसा
किसानों का कहना है कि धान केंद्र तक फसल पहुंचाने में ट्रैक्टर किराया, मजदूरी और अन्य खर्च होते हैं। इसके बावजूद उन्होंने बेहतर दाम की उम्मीद में धान गोदाम में जमा किया, लेकिन अब उनका लाखों रुपये का माल फंसा हुआ है।
किसानों की मांग
आर्थिक तंगी के चलते कई किसान गंभीर संकट में हैं और इलाज तक कराना मुश्किल हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर गड़बड़ी कर कुछ लोगों के नाम पर धान ऑनलाइन किया जाता है, जबकि वास्तविक किसानों को वंचित रखा जाता है। उन्होंने शासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और प्रभावित किसानों को तत्काल न्याय देने की मांग की है।
पैसों की हो रही कमीकरीब डेढ़ लाख रुपये का धान गोदाम में जमा किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो वजन पावती मिली और न ही धान का ऑनलाइन पंजीयन हुआ। इसके साथ ही उन्हें अब तक कोई भुगतान भी प्राप्त नहीं हुआ है। इस स्थिति के कारण उनकी आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई है। वर्तमान में वे अस्वस्थ हैं और इलाज के लिए पैसों की भी भारी कमी है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
होताराम बल्लू कावले, किसान, करडी न धान तौला गया न पावती दी गई मैंने अपना धान करडी स्थित गोदाम में जमा किया, लेकिन अब तक न तो उनके धान का वजन किया गया और न ही उन्हें वजन पावती दी गई। इतनी मेहनत के बाद भी उन्हें अपने धान का कोई भुगतान नहीं मिला, जिससे वे बेहद परेशान हैं।
