Bhandara Mnrega Scam: कान्हलगांव में मनरेगा कार्यों के दौरान अनुपस्थित लोगों की हाजिरी लगाने की शिकायतों से शुरू हुआ विवाद अब और गरमाता दिख रहा है। मयूर जयप्रकाश मसरके की ओर से 30 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद इस मामले की जांच तो की गई, लेकिन अब मोहाडी पंचायत समिति ने जांच रिपोर्ट देने से साफ इनकार कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि रिपोर्ट चाहिए तो जिला कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त करें। प्रशासन के इस टालमटोल वाले रवैये से शिकायतकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। इस पूरे मामले की जांच सार्वजनिक निर्माण विभाग जिप लाखांदुर उपमंडल के अधिकारियों ने की थी।
नियमों की अनदेखी जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कार्यों को तकनीकी स्वीकृति देते समय नियमों को ताक पर रखा गया। सरकारी नियमों के अनुसार जहां केवल 7 लाख रुपये तक की स्वीकृति देने का अधिकार था, वहां करीब 25 लाख रुपये तक के कार्यों को मंजूरी दे दी गई।
इसके अलावा, कई मजदूर काम पर मौजूद नहीं थे, फिर भी उनके नाम पर मस्टर रोल भरकर मजदूरी निकालने की गंभीर शिकायत भी सही पाई गई है। जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि गांव की एक युवती, जिसका चयन भारतीय सेना में हो चुका है और वह ड्यूटी पर तैनात है, उसे भी मनरेगा कार्य पर मजदूर दिखाकर उसके नाम से पैसे निकाले गए।
संबंधित युवती का बयान दर्ज होने के बाद इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। शिकायत दर्ज होने के आठ महीने बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो शिकायतकर्ता मयूर मसरके ने आत्मदाह की चेतावनी दी।
इस अल्टीमेटम के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और आननफानन में जांच पूरी कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने का दावा किया गया। हालांकि, जब मसरके ने रिपोर्ट की प्रति मांगी, तो पंचायत समिति मोहाडी के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए और उन्हें भंडारा स्थित जिला कार्यालय जाने की सलाह दी।
आज आंदोलन, निषेधाज्ञा का उल्लंघन तो कार्रवाई प्रशासन ने अब एक पत्र जारी कर मयूर मसरके से अपना आत्मदाह का फैसला वापस लेने का आह्वान किया है। वहीं दूसरी ओर, 9 मार्च को प्रस्तावित इस आंदोलन को देखते हुए आंधलगाव पुलिस भी सतर्क हो गई है।