महाराष्ट्र: खिलाड़ियों के लिए ‘क्रीड़ा ई-प्रमाण’ प्रणाली लागू; 5% आरक्षण में फर्जीवाड़ा रोकने को AI का सहारा
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 5% आरक्षण का लाभ देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ब्लॉकचेन आधारित 'क्रीड़ा ई-प्रमाण' प्रणाली शुरू की है। इससे फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुकेगा।
Maharashtra Sports E-Certificate: महाराष्ट्र सरकार ने खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण और आधुनिक पहल करते हुए ‘क्रीड़ा ई-प्रमाण’ प्रणाली लागू की है, जिससे अब खेल कोटे के तहत मिलने वाले 5% आरक्षण का लाभ अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज़ तरीके से दिया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और वास्तविक खिलाड़ियों को उनका अधिकार समय पर दिलाना है।
यह प्रणाली ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जो डेटा को पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़ से मुक्त बनाती है। इसके साथ ही इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया गया है, जिससे प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया स्वतः और निष्पक्ष रूप से होती है। यानी अब किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की संभावना लगभग खत्म हो जाती है, जिससे भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी पर सीधा अंकुश लगेगा।
नई व्यवस्था के तहत, खिलाड़ियों को अब प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। आवेदन करने के बाद केवल 24 घंटे के भीतर डिजिटल सत्यापन रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी। यह रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। हर प्रमाणपत्र पर एक विशेष क्यूआर कोड दिया जाएगा।
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भर्ती प्रक्रिया के दौरान, जैसे ही इस क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा, प्रमाणपत्र की पूरी जानकारी और उसकी सत्यता तुरंत सामने आ जाएगी। इससे सरकारी विभागों को भी उम्मीदवारों की जांच में आसानी होगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। अब महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) सहित सभी सरकारी भर्तियों में इस क्रीड़ा ई-प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया गया है।
यानी भविष्य में किसी भी खिलाड़ी को खेल कोटे का लाभ लेने के लिए यह डिजिटल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना जरूरी होगा। इसके अलावा, जिन खिलाड़ियों ने पहले से अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा रखा है, उन्हें भी इस नई प्रणाली के तहत दोबारा पंजीकरण कर नया ई-प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
आधार से पंजीकरण अनिवार्य
पंजीकरण के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा, जहां आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर आवश्यक रहेगा। साथ ही, सभी जरूरी दस्तावेजों को पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना होगा। कुल मिलाकर, यह पहल खिलाड़ियों के हित में एक बड़ा सुधार है, जो न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि सही खिलाड़ियों को उनके हक का लाभ जल्दी और बिना किसी बाधा के दिलाने में मदद करेगी।
