लाखांदुर में दिव्यांगों को नहीं मिला बढ़ा भत्ता, फाइल गड़बड़ी से दो महीने की राशि अटकी

Bhandara News: भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील में फाइल अपडेट न होने से 1,200 दिव्यांग लाभार्थियों को दो महीने से बढ़ी हुई ₹2,500 राशि नहीं मिली। संगठनों ने रुकी राशि तुरंत जारी करने की मांग की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Disabled Beneficiary Scheme News: महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर 2025 की मंत्रिमंडल बैठक में संजय गांधी निराधार और श्रावणबाल योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाले भत्ते की राशि ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 करने का निर्णय लिया।

इसके अनुसार अक्टूबर से राज्य के सभी जिलों में बढ़ी हुई राशि वितरित होने लगी। लेकिन भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील में अब तक किसी भी दिव्यांग लाभार्थी को बढ़ा हुआ भत्ता नहीं मिला है।

संबंधित विभाग की फाइलों और लाभार्थियों की सूची अद्यतित न होने के कारण अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों में लाभार्थियों के खातों में केवल पुराने ₹1,500 जमा हुए।

सूची अपडेशन में गड़बड़ी

लाखांदुर तहसील में लगभग 1,200 दिव्यांग लाभार्थी हैं। भत्ता राशि बढ़ने के बाद सभी लाभार्थियों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दिव्यांग प्रमाणपत्र और UID कार्ड जैसी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। हजारों लाभार्थियों ने दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन केवल 425 लाभार्थियों की सूची तैयार की गई और वह भी आगे की कार्रवाई के लिए भेजी नहीं गई। इस कारण दिव्यांगों को दो महीने में मिलने वाली लगभग 20–25 लाख रुपये की राशि नहीं मिली।

कार्यालयीन लापरवाही पर नाराजगी

दिव्यांग संगठनों का आरोप है कि तहसील कार्यालय के संबंधित विभाग ने न तो समय पर सूची अद्यतित की और न ही दस्तावेजों की उचित जांच की। परिणामस्वरूप लाभार्थियों को बढ़ी हुई राशि नहीं मिली। संगठनाओं ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के तत्काल निलंबन एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यदि पिछली दो महीनों का ₹2,000 (प्रति लाभार्थी) भत्ता अगले महीने तक नहीं दिया गया, तो संगठनाएं आंदोलन का संकेत दे रही हैं।

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