रमेश बिसन साऊस्कार और अशोक मोरेश्वर कालबांधे (सौजन्य-नवभारत)
Arjuni Wadsa Highway Accident: नियति का क्रूर खेल अक्सर इंसान की खुशियों को पल भर में मातम में बदल देता है। जिस पिता के हाथों में कुछ ही दिनों बाद अपनी लाडली बेटी की शादी की रस्में निभानी थीं, उन्हीं हाथों में थमी शादी की पत्रिकाएं महामार्ग पर खून से सन गईं।
अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण देने निकले पिता और उनके जिगरी दोस्त की एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई, जिससे लाखांदुर तहसील के इंदोरा गांव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह हृदयविदारक घटना अर्जुनी-वडसा राज्य महामार्ग पर आसोली से गौरनगर के बीच घटित हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इंदोरा निवासी रमेश बिसन साऊस्कार की बेटी का विवाह आगामी 2 अप्रैल को तय हुआ था। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं और खुशियों का माहौल था। रमेश अपने करीबी मित्र और गांव के वरिष्ठ छायाचित्रकार अशोक मोरेश्वर कालबांधे के साथ मोटरसाइकिल से रिश्तेदारों को आमंत्रण देने गोंदिया जिले के खामखुरा गए थे।
दिन भर अपनों को शादी का न्योता देने के बाद जब वे शाम को वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी आसोली से गौरनगर के बीच एक मोड़ पर गिट्टी से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर उनकी मोटरसाइकिल पर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के नीचे दबने से दोनों मित्रों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना ने न केवल दो परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि इंदोरा गांव ने अपने दो आधारस्तंभ खो दिए हैं।
रमेश साऊस्कार कमलाबाई कृषि केंद्र के संचालक के रूप में क्षेत्र के किसानों की सेवा कर रहे थे, जबकि अशोक कालबांधे अपनी फोटोग्राफी के जरिए लोगों के खुशी के पलों को कैमरे में कैद करने के लिए जाने जाते थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि दूसरों की खुशियों में शामिल होने वाले इन व्यक्तित्वों का सफर इस तरह खत्म होगा। जिस घर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अब केवल परिजनों की चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही हैं।
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– अत्यंत शोकाकुल माहौल में दोनों मित्रों के पार्थिव शरीर पर इंदोरा के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
– जब दोनों दोस्तों की अंतिम यात्रा एक साथ गांव से निकली, तो हर ग्रामीण की आंखें छलक उठीं।
– लाडली बेटी का अपने पिता के लिए विलाप उपस्थित जनसमूह का कलेजा चीर देने वाला था।
– कल तक जो शख्स हंसते-खिलखिलाते हुए शादी का कार्ड थमा रहा था, आज उसे अंतिम विदाई देते समय पूरा गांव शोक के सागर में डूबा नजर आया।
– काल के इस क्रूर प्रहार ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को उम्र भर के गम में तब्दील कर दिया है।