Ladki Bahin Yojana: E-KYC के आखिरी 13 दिन, बंद हो जाएगी ₹1500 की सहायता, दूसरी बार बढ़ाई डेडलाइन

Ladki Bahin Yojana: लाडली बहन योजना की ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 31 दिसंबर। देरी पर 1500 रुपये की सहायता बंद होगी। महिला विभाग ने तुरंत प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।
लाडली बहन की ई-केवायसी ने बढ़ाई हलचल
लाडली बहन की ई-केवायसी ने बढ़ाई हलचल (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Bhandara News: मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की गई, तो हर महीने मिलने वाली 1500 रुपए की आर्थिक सहायता बंद कर दी जाएगी। ई-केवाईसी की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल 13 दिन शेष हैं।

इसलिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी लाभार्थी महिलाओं से तुरंत ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है। इस योजना के तहत जिले की आर्थिक रूप से कमजोर लाखों महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है। हर महीने उनके बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि जमा होने से कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।

ई केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य

हालांकि, योजना लागू करते समय कुछ पात्रता शर्तें तय की गई थीं, लेकिन जांच में सामने आया कि कुछ अपात्र महिलाएं भी इन शर्तों को नजरअंदाज कर योजना का लाभ ले रही थीं। इसी कारण अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने के लिए ई केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। विभाग के अनुसार, जो महिलाएं पात्रता शर्तों का उल्लंघन कर लाभ ले रही हैं, उन्हें इस प्रक्रिया के बाद योजना से बाहर किया जाएगा।

ई-केवाईसी नहीं की तो लाभ से होंगी वंचित : महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने अब तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, वे 31 दिसंबर से पहले यह प्रक्रिया अवश्य पूरी कर लें। निर्धारित समय-सीमा के बाद ई-केवाईसी न कराने वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसी महिला को ई-केवाईसी कराने में कठिनाई आ रही है, तो वे संबंधित आंगनवाड़ी सेविका की सहायता ले सकती हैं।

दूसरी बार बढ़ाई गई थी योजना की समय-सीमा

लाडली बहन योजना में फर्जी लाभार्थियों को हटाने के उद्देश्य से पहले ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 18 नवंबर निर्धारित की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया। इसके वावजूद कई महिलाओं को तकनीकी समस्याओं के कारण ई-केवाईसी कराने में दिक्कतें आ रही थी। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर प्रणाली में सुधार किया गया है और अब ई-केवाईसी की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी सेविकाओं को सौंपी गई है।

वे घर-घर जाकर लाभार्थी महिलाओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगी, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलता रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी लाभार्थी महिलाओं से अपील की है कि वे समय रहते ई-केवाईसी पूरी कराएं और योजना का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त करें।

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