कचारगढ़ बनेगा 'अजंता-एलोरा' जैसा विश्व धरोहर! राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद सांसद पडोले का बड़ा खुलासा

Kachargarh World Heritage Site: सांसद प्रशांत पडोले ने राष्ट्रपति से की कचारगढ़ को विश्व धरोहर बनाने की मांग। गोंडी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा और आदिवासी हॉस्टल के मुद्दे पर हुई चर्चा।
MP Prashant Padole meets President Droupadi Murmu, demanding World Heritage status for Kachargarh on par with Ajanta-Ellora. Discusses tribal welfare and Gondi language.
राष्ट्रपित से सांसद प्रशांत पडोले ने की मुलाकात (सौजन्य-एक्स)
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President Droupadi Murmu: भंडारा-गोंदिया जिले के सांसद प्रशांत पडोले ने बताया कि दिल्ली में महामहीम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाखात के दौरान उन्होंने गोंदिया जिले के कचारगढ़ किले को ऐजेंटा एलोरा की तर्ज पर विश्व की धरोहर घोषित करने की मांग की। इस पर महामहीम राष्ट्रपति ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और उन्होंने महाराष्ट्र की सरकार से भी बात करने की सलाह दी।

राष्ट्रपति भवन में महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश के चुनिंदा सांसदों को चाय नाश्ते की पार्टी के लिए बुलाया था। चर्चा के दौरान पडोले ने आदिवासी सभ्यता, संस्कृति के जतन के लिए व आदिवासी समाज को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की भी मांग रखी। उन्होंने गोंडी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा भी दिलाने की मांग की।

महाशिवरात्रि में मेला हर वर्ष

महाशिवरात्रि के आसपास यहां एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक मेला आयोजित होता है। इसमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और तेलंगाना से हजारों की संख्या में गोंड समाज के लोग पहुंचते हैं। इस दौरान पारंपरिक नृत्य, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कचारगढ़ क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और प्राकृतिक गुफाओं से घिरा हुआ है। इसलिए यह स्थान धार्मिक स्थल के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध हो रहा है।

नहीं मिल रहा अनुदान

सांसद प्रशांत पडोले ने बताया कि केंद्र सरकार से आदिवासियों के लिए बनाई गई योजनाओं के लिए अनुदान नहीं मिल रहा है। उन्होंने महामहीम से अनुरोध किया कि वे आदिवासियों के लिए तत्काल अनुदान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को आदिशित करें।

भंडारा-गोंदिया में बनाएं आदिवासी हॉस्टल

आदिवासियों से संबंधित विविध विषयों पर की गई चर्चा के दौरान उन्होंने गोंदिया और भंडारा जिले में आदिवासी होस्टल बनाने का भी सुझाव रखा। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र पढ़ने के लिए इन 2 जिलों में आते हैं व उनके निवास की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें इधर से उधर भटकना पड़ता है।

आर्थिक दृष्टि से कमजोर होने के कारण वे अधिक खर्च नहीं कर पाते और शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। सादगी से सरोबार महामहिम उन्होंने बताया कि देश के सर्वोच्च पद आसीन महामहीम राष्ट्रपति सादगी से पूरी तरह सरोबार नजर आयी। उनसे चर्चा करते वक्त लगा ही नहीं कि वे महामहीम से चर्चा कर रहे हैं।

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