

Jamb Village Fire: मोहाड़ी तहसील के जांब गांव में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे लगी भीषण आग में पांच किसानों की ओर से अपने पशुओं के लिए वर्षभर के लिए संग्रहित किया गया सूखा चारा तनस पूरी तरह जलकर राख हो गया।
इस दर्दनाक हादसे से पीड़ित किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे अब उनके सामने अपने मवेशियों के चारे की एक गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार, गांव के परमात्मा नामक व्यक्ति के भवन के पास स्थित एक खाली भूखंड पर पांच किसानों ने सामूहिक रूप से अपने पशुओं के लिए वर्षभर का चारा संग्रहित कर रखा था।
गुरुवार दोपहर अचानक इस चारे के ढेर में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। बड़ी संख्या में जमा हुए लोगआग की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और संबंधित किसान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने निजी बोरवेल के पानी और पाइपों की मदद से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सूखा चारा होने के कारण आग की लपटें तेजी से फैलती गईं और ग्रामीणों के शुरुआती प्रयास विफल साबित हुए।
हालांकि, प्रारंभिक तौर पर आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन इसके पीछे शॉर्ट सर्किट या किसी मानवीय लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। बारिश से बुझी आग, लेकिन तब तक सब स्वाहादोपहर करीब 2 बजे भड़की यह आग कई घंटों तक लगातार धधकती रही। इसके बाद दोपहर करीब 4 बजे अचानक हुई तेज बारिश के बाद ही आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
मगर, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पांचों गरीब किसानों का पूरा चारा जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुका था। प्रभावित किसानों का कहना है कि अब बारिश का मौसम शुरू होने के कारण बाजार में पशुओं के लिए नए चारे की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल और खर्चीला हो गया है। इस संकट की घड़ी में ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और शासन की ओर से प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि देने और पशुओं के लिए वैकल्पिक चारा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।