Bhandara News: कृषि उपज बाजार समिति तुमसर में कार्यरत हमाल, मापारी, टोपलेवाले और काटेवाले मजदूरों का सब्र आखिरकार टूट गया है. अपने हक के लिए अब उन्होंने खुला संघर्ष छेड़ने का ऐलान कर दिया है.हमाल माथाडी कामगार कृती समिति ने एआईएसएफ के वैभव चोपकर के नेतृत्व में प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए जिला उपनिबंधक को ज्ञापन सौंपा है. वर्षों से लंबित मांगों, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक अन्याय के कारण मजदूरों में भारी नाराजगी है.
समिति का आरोप है कि बाजार समिति के मुख्य आधार इन कामगारों की लगातार अनदेखी की जा रही है. ज्ञापन में कहा गया है कि कामगारों की न तो उचित पंजीयन व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के लिए कोई ठोस प्रणाली. हमाली दर में बढ़ोतरी नहीं, बोनस का अभाव और सामाजिक सुरक्षा के साधनों की कमी के कारण मजदूरों का जीवन असुरक्षित हो गया है.
कृती समिति ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सभी हमालों का आधिकारिक पंजीकरण और पहचान पत्र, हमाली दर में वृद्धि, दिवाली बोनस, व्यापारीहमालसमिति के बीच नया त्रिपक्षीय समझौता, हमाल भवन का निर्माण, 5 लाख रुपये का बीमा, सेवानिवृत्ति अनुदान तथा सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना शामिल है.
साथ ही कार्य समय तय करने और दुर्व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई है. इसमें केवल मजदूरों के ही नहीं, बल्कि किसानों के मुद्दे भी उठाए गए हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई तथा किसानों के लिए आधुनिक किसान भवन निर्माण की मांग भी की गई है.
कृती समिति के नेता शेखर सेलोकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि, बाजार समिति की पूरी व्यवस्था हमालों की मेहनत पर टिकी है, लेकिन आज वही वर्ग उपेक्षित है. यदि एक सप्ताह के भीतर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सभी हमाल एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.