भंडारा में वन्यजीव शिकारियों पर वन विभाग का बड़ा क्रैकडाउन; दहेगांव से भारी मात्रा में अवशेष व देसी बंदूक जब्त

Bhandara Forest Department: भंडारा के लाखांदुर में वन विभाग ने छापेमारी कर चीतल का मांस, पैंगोलिन के शल्क, मोर के अवशेष और देसी बंदूक बरामद की। आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है।
Forest Department launches major crackdown on wildlife poachers in Bhandara; large quantities of animal remains and country-made guns seized from Dahegaon.
(सोर्स-नवभारत फाइल फोटो)
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Bhandara Wildlife Poaching Case: भंडारा जिले में लाखांदुर तहसील के दहेगांव में वन विभाग ने अवैध वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के घर पर छापा मारकर चीतल का पका हुआ मांस तथा पैंगोलिन व मोर, अन्य वन्यजीवों के अवशेष तथा एक देसी बंदूक बरामद की है। आरोपी दहेगांव निवासी नाजूक रूपचंद डोंगरवार को गिरफ्तार किया गया है।

घर में मिला वन्यजीवों का जखीरा

वन विभाग को सूचना मिली थी कि दहेगांव स्थित आरोपी के घर में संरक्षित वन्यजीवों के अवशेष छिपाकर रखे गए हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अपनी टीम के साथ आरोपी के घर से चीतल का पका हुआ मांस, भारतीय पैंगोलिन के लगभग 150 शल्क, राष्ट्रीय पक्षी मोर के दो पैर, अन्य वन्यजीवों के विभिन्न अवशेष तथा एक भरमार (देसी) बंदूक बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। लाखांदुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपी को एक दिन की वन विभाग की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

आगे की जांच उपवन संरक्षक योगेंद्र सिंह तथा सहायक वन संरक्षक संजय मेंढे के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रदीप चन्ने द्वारा की जा रही है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार करना, अंगों या अवशेषों को रखना, खरीदना, बेचना अपराध है।

वन्यजीवों से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम वन अधिकारी को दें या 'हेलो फॉरेस्ट' हेल्पलाइन 1926 अथवा वन विभाग भंडारा नियंत्रण कक्ष पर संपर्क करें।

तेंदुए के हमले में नाबालिग जख्मी

तहसील के मांदेड गांव के खेत क्षेत्र में शाम करीब 4 बजे बकरियां चरा रही 16 वर्षीय नाबालिग पूजा मंगेश मेश्राम पर नाले में छिये तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अन्य चरवाहों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की और भाग गया।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने घायल किशोरी को लाखांदुर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया। वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रदीप चन्ने के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पंचनामा किया, परिजनों ने पीड़िता को मुआवजा देने की मांग की है।

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