Bhandara News: लाखांदुर में वन्यजीव तस्करी पर कार्रवाई, पैंगोलिन के शल्क और चीतल का मांस जब्त

Lakhandur Forest Department: भंडारा जिले के दहेगांव में वन विभाग ने अवैध वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चीतल का मांस, पैंगोलिन के शल्क, मोर के अवशेष और एक देशी बंदूक बरामद की। 
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Illegal Wildlife Trade (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Lakhandur Wildlife Seizure: भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के दहेगांव में वन विभाग ने अवैध वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के घर पर छापा मारकर चीतल का पका हुआ मांस तथा पैंगोलिन व मोर, अन्य वन्यजीवों के अवशेष तथा एक देशी बंदूक बरामद की है। आरोपी दहेगांव निवासी नाजूक रूपचंद डोंगरवार को गिरफ्तार किया गया है।

घर में मिला वन्यजीवों का जखीरा वन विभाग को सूचना मिली थी कि दहेगांव स्थित आरोपी के घर में संरक्षित वन्यजीवों के अवशेष छिपाकर रखे गए हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अपनी टीम के साथ आरोपी के घर से चीतल का पका हुआ मांस, भारतीय पैंगोलिन के लगभग 150 शल्क, राष्ट्रीय पक्षी मोर के दो पैर, अन्य वन्यजीवों के विभिन्न अवशेष तथा एक भरमार देशी बंदूक बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

अवैध वन्यजीव शिकार का भंडाफोड़

लाखांदुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपी को एक दिन की वन विभाग की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आगे की जांच उपवन संरक्षक योगेंद्र सिंह तथा सहायक वन संरक्षक संजय मेंढे के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रदीप चन्ने द्वारा की जा रही है।

तेंदुए के हमले में नाबालिग जख्मी

तहसील के मांदेड गांव के खेत क्षेत्र में शाम करीब 4 बजे बकरियां चरा रही 16 वर्षीय नाबालिग पूजा मंगेश मेश्राम पर नाले में छिपे तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अन्य चरवाहों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने घायल किशोरी को लाखांदुर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया।

तेंदुए के हमले में किशोरी घायल

वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रदीप चन्ने के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पंचनामा किया। परिजनों ने पीड़िता को मुआवजा देने की मांग की है। इधर, पिछले कुछ महीनों से चौरास क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तेंदुए की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत है। किसानों का कहना है कि खरीफ बुआई और धान रोपाई का कार्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने या सुरक्षित जंगल में भेजने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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