भंडारा के खेतों में बिजलीरोधी यंत्र लगाने की मांग, ग्रीन हेरिटेज सोशल फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन
Bhandara Lightning Arrester Demand: ग्रीन हेरिटेज सोशल फाउंडेशन ने खेतों में बिजलीरोधी लाइटिंग अरेस्टर लगाने की मांग की है। संगठन ने किसानों की सुरक्षा के लिए 50-75% अनुदान देने की भी मांग की।
बिजलीरोधी यंत्र (सोर्सः AI)
Farmers Demand Lightning Arrester In Bhandara: आगामी मानसून को देखते हुए किसानों और ग्रामीण नागरिकों की सुरक्षा के लिए ग्रीन हेरिटेज सोशल फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन ने जिलाधिकारी भंडारा को ज्ञापन सौंपकर खेतों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर बिजलीरोधी लाइटिंग इलेक्ट्रिक अरेस्टर (Lightning Arrester) लगाने की मांग की है।
फाउंडेशन का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में बड़ी संख्या में किसान, खेतिहर मजदूर, आम नागरिक और मवेशी अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग कर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है।
संगठन ने बताया कि महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 280 किसान और अन्य नागरिक आकाशीय बिजली की चपेट में आकर असमय मृत्यु का शिकार होते हैं, जिससे अनेक परिवारों पर संकट आ जाता है।
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बिजलीरोधी यंत्र से बच सकती हैं कई जानें
ज्ञापन में फाउंडेशन ने बताया कि आधुनिक तकनीक से युक्त लाइटिंग अरेस्टर खेतों और खुले क्षेत्रों में सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं। यह यंत्र लगभग 100 से 200 मीटर के दायरे में गिरने वाली आकाशीय बिजली को अपनी ओर आकर्षित कर उसे सुरक्षित रूप से अर्थिंग के माध्यम से जमीन में प्रवाहित कर देता है। इससे आसपास कार्य कर रहे किसानों, मजदूरों और अन्य लोगों को गंभीर हादसों से बचाया जा सकता है।
संगठन ने बताया कि आकाशीय बिजली में लाखों वोल्ट का विद्युत दबाव होता है, जो पेड़ों, बिजली के खंभों, इमारतों या खुले स्थानों में मौजूद लोगों पर गिरकर भारी जनधन हानि का कारण बनता है। फाउंडेशन का मानना है कि यदि खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से बिजलीरोधी यंत्र स्थापित किए जाएं तो हर वर्ष होने वाली अनेक मौतों को रोका जा सकता है।
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किसानों को अनुदान देने और योजना शुरू करने की मांग
ग्रीन हेरिटेज सोशल फाउंडेशन ने सरकार से मांग की है कि खेतों, सार्वजनिक स्थलों और खुले क्षेत्रों में ऊंचे पोल अथवा विशेष टावर स्थापित कर अर्ली स्ट्रीमर एमीशन (ESE) तकनीक से युक्त लाइटिंग अरेस्टर लगाए जाएं। साथ ही संगठन ने आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री कृषि रक्षण योजना’ शुरू करने और किसानों को इन यंत्रों की खरीद पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान देने की मांग की है।
फाउंडेशन ने यह भी सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लगाए जा रहे सोलर पंपों के साथ बिजलीरोधी यंत्र लगाना अनिवार्य किया जाए। संगठन का कहना है कि इस पहल से मानसून के दौरान किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
