कलेक्टर के हस्तक्षेप से भंडारा में NH-53 पर वृक्ष कटाई पर लगी रोक; बिना तकनीकी परीक्षण के नहीं कटेंगे पेड़
Bhandara Collector News; भंडारा कलेक्टर सावंत कुमार ने वृक्ष कटाई पर रोक लगाई। पर्यावरण प्रेमियों की मांग पर गहन तकनीकी परीक्षण के बिना वृक्ष नहीं काटे जाएंगे।
Bhandara Sawant Kumar News: राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर चौपदरीकरण कार्य के दौरान जारी वृक्ष कटाई को लेकर भंडारा कलेक्टर सावंत कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए कि अपरिहार्य आवश्यकता सिद्ध किए बिना तथा गहन तकनीकी परीक्षण के बिना एक भी वृक्ष नहीं काटा जाएगा। पर्यावरण प्रेमियों की आक्रामक भूमिका के बाद प्रशासन ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
फुलमोगरा से कारधा मार्ग पर कडुलिंब, सागवान, इमली, पीपल, करंज, बबूल, आम, शीशम सहित 100 से 150 वर्ष पुराने विशाल वृक्ष खड़े हैं। इन वृक्षों ने न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा, बल्कि दशकों से यात्रियों को छाया भी प्रदान की। इस पट्टी में कुल 112 वृक्षों में से अब तक 45 वृक्ष काटे जा चुके हैं, जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वृक्ष कटाई के विरोध में स्थानीय नागरिकों व पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी से भेंट की और विकास के नाम पर प्रकृति विनाश रोकने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी ने तात्कालिक बैठक बुलाकर परियोजना अधिकारियों से जवाबतलब किया तथा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।बैठक के पश्चात जिलाधिकारी सावंत कुमार ने राजमार्ग स्थल पर जाकर कटे हुए वृक्षों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने कहा कि यह परखा जाएगा कि वृक्षों की कटाई वास्तव में आवश्यक थी या नहीं, तथा आगे का निर्णय परीक्षण के बाद लिया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. नितीन तूरस्कर, चंदू वंजारी, चंद्रशेखर भिवगडे, प्रमोद केसलकर, प्रवीण मेहर, मोहम्मद सईद शेख, प्रणय बडवाईक, वैभव चोपकर, सदानंद इलमे, हिवराज उके, नितीन कुथे, हेमंत साकुरे, आबिद सिद्दिकी, कविता नागापुरे और विजय निचकवडे उपस्थित थे।
पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि, जिस क्षेत्र में कटाई की जा रही है, वहां मुंगणा 2, नीम 165, करंज 15, चिचबिल 6, पलाश 1, सिसू 24, चिचवन 1, साऊर 16, महारुख 3, सागवान 10, बबूल 7, आम 3, शीशम 11, चीचवा 8, कैशिया 14, करंज 10 और पीपल 4 वृक्ष विद्यमान हैं।
नागरिकों ने यह प्रश्न भी उठाया कि भंडारा में यातायात भार कम करने हेतु बायपास मार्ग उपलब्ध होने के बावजूद चौपदरीकरण का कार्य क्यों किया जा रहा है।
