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भंडारा में सुधाकर कोहले के चुनाव प्रचार के दौरान महायुति के स्थानीय मतभेद सामने आए।
शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने व्यक्तिगत धमकियों और परिवार के सदस्यों पर टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई।
भोंडेकर ने कहा कि राजनीतिक संघर्ष का जवाब राजनीतिक स्तर पर ही दिया जाना चाहिए।
Bhandara Politics: स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की पृष्ठभूमि में भाजपा प्रत्याशी सुधाकर कोहले के प्रचार के लिए भंडारा पहुंचे भाजपा नेता एवं राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के सामने ही महायुति के स्थानीय मतभेद खुलकर सामने आ गए। शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने व्यक्तिगत स्तर पर धमकियां देने और परिवार को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर तीखी नाराजगी जताई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक संघर्ष का जवाब राजनीतिक स्तर पर ही दिया जाना चाहिए। इसके बाद बावनकुले ने भोंडेकर से पुरानी बातों को भुलाकर महायुति की मजबूती के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वागत के लिए फूलों की माला के बजाय भगवा शॉल का इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख करते हुए भोंडेकर ने कहा कि सूखे की पृष्ठभूमि में सादगी से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत आलोचना और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाले बयानों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
भोंडेकर ने कहा, राजनीति का जवाब राजनीति से ही दिया जाना चाहिए। हर किसी में अपने दल को मजबूत करने की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। राजनीति में हार-जीत चलती रहती है। मैंने भी 2014 में हार स्वीकार की है। लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर धमकियां देना और बच्चों के बारे में गलत भाषा का इस्तेमाल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महायुति के वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक विवादों में भी मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाली टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
भोंडेकर की नाराजगी के बाद चंद्रशेखर बावनकुले ने स्थानीय राजनीति के मतभेदों को भुलाकर महायुति को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भोंडेकर महायुति में अच्छी तरह काम कर रहे हैं और उन्हें मन की नाराजगी दूर कर गठबंधन के हित में आगे बढ़ना चाहिए।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं, लेकिन इन सबसे ऊपर गठबंधन की एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने धान उत्पादक किसानों को बोनस देने के लिए महायुति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने चुनाव में हार के बाद विपक्ष द्वारा ईवीएम और अन्य मुद्दों को लेकर भ्रम पैदा किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मतदाताओं तक पहुंचने का आह्वान किया।