भंडारा में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू, 74 हजार से अधिक बच्चों को मिलेगा ओआरएस और जिंक
Bhandara ORS Distribution: भंडारा जिले में 16 जून से 31 जुलाई तक स्टॉप डायरिया अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के 74,736 बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी।
Diarrhea Control Fortnight (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Stop Diarrhea Campaign: भंडारा जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को डायरिया अतिसार से सुरक्षित रखने और बाल मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 16 जून से 31 जुलाई तक स्टॉप डायरिया अभियान इंटेंसिफाइड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 74,736 बच्चों को ओआरएस ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितिन कापसे ने बताया कि जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में वर्तमान में 44,120 ओआरएस पैकेट, 2,89,930 जिंक टैबलेट और 6,291 जिंक सिरप उपलब्ध कराए गए हैं। आशा कार्यकर्ता घरघर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों की जांच करेंगी तथा आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस और जिंक की दवा उपलब्ध कराएंगी।
घरघर पहुंचेगा स्वास्थ्य विभाग
अभियान के तहत जिले की 1,145 आशा कार्यकर्ता गांवगांव और घरघर जाकर बच्चों की जांच करेंगी। इस दौरान डायरिया से बचाव, ओआरएस घोल तैयार करने की विधि, हाथ धोने की सही प्रक्रिया तथा स्वच्छता संबंधी जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा जिले की आंगनवाड़ियों और जिला परिषद स्कूलों में भी बच्चों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले की 3,01,598 परिवारों तक पहुंचकर लोगों को डायरिया से बचाव के उपाय बताएगी।
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डायरिया के लक्षण और बचाव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि बच्चे को सामान्य से अधिक बार पतला दस्त हो रहा हो तो उसे डायरिया माना जाना चाहिए। शरीर में पानी की कमी डिहाइड्रेशन होने पर बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है, अत्यधिक प्यास लगती है, आंखें धंस जाती हैं और त्वचा की लचक कम हो जाती है।
ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस घोल देना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार डायरिया के दौरान जिंक की गोलियां देने से बीमारी की अवधि और गंभीरता कम होती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा अगले तीन माह तक डायरिया से सुरक्षा मिलने में मदद मिलती है।
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स्वास्थ्य विभाग की अपील
जिला माता एवं बाल संगोपन अधिकारी डॉ. मनीषा साकोडे ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पांच वर्ष तक के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं तथा आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्वच्छ पानी का उपयोग, हाथों की सफाई और बच्चों का समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
