भंडारा में नई नाली में धंसी एसटी बस, चालक की सूझबूझ से 35 यात्रियों की बची जान
Bhandara Road Accident: भंडारा के तुमसर-गोंदिया बायपास मार्ग पर नई वर्षा जल निकासी नाली धंसने से महाराष्ट्र राज्य परिवहन की एसटी बस फंस गई। चालक की सूझबूझ से 30-35 यात्रियों की जान बच गई।
State Transport Bus (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Tumsar Gondia Bypass: तुमसर-गोंदिया बायपास मार्ग पर शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। हाल ही में निर्मित वर्षा जल निकासी नाली के ऊपर से गुजरते समय तुमसर डिपो की गोंदिया जा रही महाराष्ट्र राज्य परिवहन एसटी की बस नई नाली में धंस गई। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। अचानक बस का संतुलन बिगड़ने से यात्रियों में दहशत फैल गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और सतर्कता से बड़ा हादसा होने से बच गया।
अचानक धंसे दोनों पहिए, एक ओर झुक गई बसजानकारी के अनुसार तुमसर डिपो की नियमित एसटी बस क्र। एमएच13 सीयू8338 शनिवार को तुमसर से गोंदिया के लिए रवाना हुई थी। बस जब बायपास मार्ग पर हाल ही में बनाई गई वर्षा जल निकासी नाली के ऊपर से गुजर रही थी, तभी अचानक नाली का हिस्सा धंस गया और बस के दोनों पहिए उसमें फंस गए। इससे बस एक ओर झुक गई। बस के झुकते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कई यात्री घबराकर सीटों से उठ गए। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को पूरी तरह असंतुलित होने से बचा लिया।
कुछ और धंसती तो घरों पर गिर सकती थी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना स्थल के आसपास कई मकान स्थित हैं। यदि बस कुछ और अधिक धंस जाती या पलट जाती, तो वह सड़क किनारे बने घरों की ओर गिर सकती थी। इससे बड़े जानमाल के नुकसान की आशंका थी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के नागरिक मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद की। कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। घटना के बाद हाल ही में किए गए नाली निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता, तो भारी वाहन गुजरने से नाली इस तरह नहीं धंसती। लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही तथा घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका जताई है।
जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नाली निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी समीक्षा करने तथा यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही बायपास मार्ग पर किए गए अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
