Bhandara Sand Smuggling Case: भंडारा जिले में अवैध रेत उत्खनन और वैनगंगा नदी के तटों पर अपनी दहशत कायम करने वाले अपराधियों के खिलाफ प्रशासन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। इसी कड़ी में खमारी/बुटी निवासी कुख्यात रेत तस्कर रोहित दिलीप मारवाडे (22) के खिलाफ महाराष्ट्र खतरनाक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (MPDA) के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने 17 मार्च को इस संबंध में आदेश जारी कर आरोपी को तत्काल भंडारा जिला कारागृह भेजने का निर्देश दिया।
जांच में सामने आया है कि रोहित मारवाडे वर्ष 2024 से खमारी बुटी, बेलगांव और मांडवी क्षेत्र में वैनगंगा नदी के पात्र से अवैध रूप से रेत निकाल रहा था। वह केवल रेत की चोरी ही नहीं कर रहा था, बल्कि इस अवैध कारोबार के बल पर उसने स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी थी। उसके खिलाफ कारधा पुलिस स्टेशन में रेत चोरी और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने के कई संगीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रोहित पर पहले भी कई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयां की गई थीं, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ एमपीडीए का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। पुलिस का मानना था कि रोहित की गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था और पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी थीं।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने पुलिस के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए आरोपी की स्थानबद्धता (डिटेंशन) का आदेश दिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन, अपर पुलिस अधीक्षक निलेश मोरे और एसडीपीओ विलास काले के मार्गदर्शन में की गई। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के निरीक्षक नितिनकुमार चिंचोलकर और कारधा थाना प्रभारी गोकुल सूर्यवंशी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्रवाई से जिले के अन्य रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।