भंडारा में पशुधन डिजिटल मिशन की तेज रफ्तार: 90% बड़े पशुओं की टैगिंग पूर्ण, अब भेड़-बकरियों पर प्रशासन का फोकस
भंडारा जिले में 2.61 लाख पशुओं का डेटा अब ऑनलाइन उपलब्ध, पशुपालकों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ।
Bhandara Pashudhan Digital Mission: भंडारा आधुनिक तकनीक के दौर में अब जिले के पशुधन को भी डिजिटल पहचान मिल गई है। पशुपालन विभाग द्वारा संचालित ‘पशुधन डिजिटल मिशन’ के तहत जिले के पशुओं का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा रहा है।
जिले में कुल 3,19,897 बड़े पशुओं में से 2,61,923 (करीब 90 प्रतिशत) का ईयर टैगिंग कार्य पूरा हो चुका है। शेष पशुओं के पंजीकरण के लिए तहसील स्तर पर विशेष टीमें कार्यरत हैं और सभी सातों तहसीलों में यह अभियान तेज़ी से चल रहा है।
भंडारा, साकोली और मोहाड़ी तहसील इस अभियान में अग्रणी हैं, जहां 93 से 95 प्रतिशत तक टैगिंग पूरी हो चुकी है। वहीं तुमसर और पवनी में 88 से 90 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। लाखांदुर और लाखनी में भी 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रशासन ने मानसून से पहले शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है।
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बड़े पशुओं के बाद अब फोकस जिले के 2,02,352 लघु पशुधन (भेड़-बकरी) पर है। अब तक 10,476 लघु पशुओं का टैगिंग किया गया है, जबकि शेष पशुओं को ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी है। समूह टैगिंग पद्धति के जरिए चलायमान झुंडों का पंजीकरण भी आसान बनाया गया है।
पशुपालकों को मिलेंगे ये लाभ
1 जून 2024 से टैगिंग अनिवार्य होने के बाद पशुपालकों को अब 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान वाली योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। डिजिटल टैग के कारण बीमा दावों की प्रक्रिया सरल हो गई है और पशु मृत्यु पर शीघ्र मुआवजा मिल सकेगा। साथ ही टीकाकरण और उपचार की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
गर्मी को लेकर विशेष तैयारी
बढ़ते तापमान को देखते हुए पशुपालन विभाग ने लू और उष्माघात से बचाव के लिए तहसीलवार जल भंडारण और चारा नियोजन के निर्देश दिए हैं। मानसून पूर्व टीकाकरण अभियान का समयपत्रक भी जारी कर दिया गया है।
जिला पशुपालन उपायुक्त विलास गाडगे के अनुसार, बड़े पशुओं का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और अब दुर्गम क्षेत्रों के लघु पशुधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि हर पशुपालक को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
पशुधन डिजिटल मिशन
- कुल बड़े पशु: 3,19,897
- टैगिंग पूर्ण: 2,61,923 (90%)
- अग्रणी तहसीलें: भंडारा, मोहाड़ी, साकोली
- लघु पशुधन लक्ष्य: 2,02,352
- अब तक टैगिंग: 10,476
- सरकारी अनुदान: 50–75% (टैग अनिवार्य)
