भंडारा ओबीसी हॉस्टल संकट, छात्राएं रह रही हैं दो इमारतों में, लेकिन सरकार दे रही है केवल एक का किराया!

OBC Hostel Bhandara: भंडारा में ओबीसी छात्राओं के लिए सरकारी छात्रावास का अभाव; दो किराये की इमारतों में रहने को मजबूर छात्राएं। 14.99 करोड़ का नया प्रस्ताव सरकार के पास लंबित।
OBC girls' hostel in Bhandara running in two rental buildings due to lack of own infrastructure. 14.99 Cr proposal pending with the govt.
भंडारा न्यूज
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Bhandara News: सरकार की ओर से राज्य के हर जिले के लिए 100-100 छात्र संख्या के दो ओबीसी छात्रावास मंजूर किए गए हैं। भंडारा में भी बड़ी मेहनत और परेशानी के बाद किराए से छात्रावास की इमारतें तलाशी गई। किराए पर उपयुक्त इमारतें तलाशने की प्रक्रिया के बाद ओबीसी लड़कों के लिए 100 छात्रों की क्षमता वाली एक इमारत तो मिल गई, लेकिन ओबीसी छात्राओं के लिए इतनी बड़ी इमारत उपलब्ध नहीं हो सकी।

परिणामस्वरूप छात्राओं के छात्रावास को दो अलग-अलग इमारतों में संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ओबीसी छात्राओं के लिए एक इमारत में 60 और दूसरी इमारत में 40 छात्राओं की व्यवस्था की गई है। दोनों इमारतों में छात्रावास की शुरुआत भी कर दी गई है। हालांकि, समस्या यह है कि सरकार की ओर से केवल एक ही इमारत का किराया मंजूर किया जा रहा है, जबकि छात्रावास दो भवनों में चलाया जा रहा है।

छात्रावास का मासिक किराया कितना है?

इससे बहुजन कल्याण विभाग और छात्रावास प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने प्रत्येक छात्रावास के लिए 100 विद्यार्थियों की क्षमता तय की है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इतनी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। वर्तमान स्थिति में ओबीसी लड़कों के छात्रावास में 64 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि छात्राओं के छात्रावास में 88 छात्राएं अध्ययनरत हैं। किराए की बात करें तो गणेशपुर क्षेत्र में स्थित ओबीसी लड़कों के छात्रावास का मासिक किराया 80 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, विद्यानगर क्षेत्र में स्थित ओबीसी छात्राओं के छात्रावास की इमारत का किराया वैल्यूएशन के आधार पर 50 हजार रुपये दिया जा रहा है। दो इमारतों में छात्रावास संचालित होने के बावजूद एक ही इमारत का किराया स्वीकृत होना प्रशासनिक विसंगति को दर्शाता है।

जगह उपलब्ध, फिर भी निर्माण अधर में

ओबीसी छात्रावास के स्थायी निर्माण के लिए बहुजन कल्याण विभाग ने काफी पहले ही जमीन की पहचान कर ली थी। छात्राओं के लिए शास्त्री चौक क्षेत्र में जकातदार विद्यालय के पास करीब ढाई एकड़ जमीन उपलब्ध है, जबकि लड़कों के छात्रावास के लिए भिलेवाड़ा में दो एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

इन दोनों स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास निर्माण के लिए प्रति छात्रावास 27 करोड़ रुपये का बजट बनाकर सरकार को भेजा गया था। हालांकि, प्रस्तावित राशि अधिक होने का हवाला देते हुए सरकार ने इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। इसके बाद बहुजन कल्याण विभाग ने दिसंबर माह में नया प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है।

प्रत्येक छात्रावास के लिए 14.99 करोड़ की मांग

इस नए प्रस्ताव में प्रत्येक छात्रावास के निर्माण के लिए 14.99 करोड़ रुपये की मांग की गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस संशोधित बजट प्रस्ताव को कब मंजूरी देती है।जानकारों का कहना है कि यदि ओबीसी जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता से दबाव बनाएं, तो भंडारा जिले के ओबीसी छात्र-छात्राओं को जल्द ही पूर्ण सुविधाओं से युक्त छात्रावास उपलब्ध हो सकता है। इससे न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण भी मिलेगा।

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