वर्धा में सरकारी जमींन पर गुलमोहर के पेड़ों की अवैध कटाई: वन विभाग ने राजस्व विभाग पर टाली जिम्मेदारी
Illegal Tree Cutting: सेलू में सरकारी भूमि पर गुलमोहर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। वन विभाग द्वारा हाथ पीछे खींचने के बाद अब गेंद राजस्व विभाग के पाले में है
- Written By: केतकी मोडक
गुलमोहर का कटा हुआ पेड़ (सोर्स- फोटो नवभारत)
Wardha Illegal Tree Cutting: वर्धा जिले के सेलू शहर के विश्रामगृह के पीछे स्थित सरकारी भूमि पर सामाजिक वनीकरण विभाग द्वारा लगाए गए गुलमोहर के पेड़ों को बिना अनुमति कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी संपत्ति पर लगे वृक्षों की खुलेआम कटाई होने के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग के क्षेत्र सहायक जयप्रकाश गावंडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, निरीक्षण के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि और वहां लगे वृक्ष वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, बल्कि यह भूमि राजस्व विभाग के अधीन है। ऐसे में आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकारी भूमि पर लगे वृक्षों की अवैध कटाई के पर्याप्त प्रमाण सामने आए हैं और संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया है।
इसके बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेड़ों की कटाई किसने की, किसके आदेश पर की गई और इसके पीछे किसका संरक्षण था।
नागरिकों का कहना है कि एक ओर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर – सरकारी भूमि पर वर्षों से खड़े पेड़ों की बिना अनुमति कटाई हो रही है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के सरकारी दावों पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
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नुकसान पहुंचाने वालों पर मामला दर्ज किया जाए
पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने मांग की है कि राजस्व विभाग इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पेड़ों की कटाई हो चुकी है, वन विभाग निरीक्षण कर चुका है और साक्ष्य भी सामने हैं, तब दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कौन करेगा? इसका जवाब अब राजस्व प्रशासन को देना होगा।
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राजस्व विभाग करेगा आवश्यक कार्रवाई
क्षेत्र सहायक जयप्रकाश गावंडे ने कहा, जिस भूमि पर पेड़ों की कटाई हुई है, वह वन विभाग की नहीं चल्कि राजस्व विभाग की है। इसलिए आवश्यक कार्रवाई राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी।
