Bhandara Municipal Council News: भंडारा नगर परिषद सीमा के भीतर संपत्ति कर की शतप्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने अब जाकर आक्रामक रुख अख्तियार किया है। चालू आर्थिक वर्ष का लक्ष्य पूरा करने के लिए केवल 15 दिनों का समय शेष बचा है, जबकि वसूली का आंकड़ा अब भी आधे से कम है।
मुख्याधिकारी ने बकाया करदाताओं के खिलाफ कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस की कर रहे अनदेखी नगरपालिका के सामने वर्तमान में संपत्ति और जल कर की वसूली करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब तक संपत्ति कर का केवल 50 प्रतिशत और जल कर का मात्र 43 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो पाया है।
शेष बकाया राशि वसूलने के लिए प्रशासन ने अब अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बकायेदारों की सूची में प्रमुख रूप से सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालय, बैंक, बड़े व्यापारिक संस्थान और नगरपालिका के गाला किरायेदार शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारबार नोटिस देने के बावजूद कर न भरने वालों पर महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम 1965 की धारा 152 के तहत सीधे जब्ती की कार्यवाही की जाएगी। बकायेदारों को राहत देने के लिए प्रशासन ने 12 मार्च से विशेष अभय योजना लागू की है, जिसके तहत 2 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क पर छूट दी जा रही है।
इस योजना का लाभ 31 मार्च तक लिया जा सकता है। समय पर जमा करें टैक्स कर वसूली केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसे अपना कर्तव्य समझकर समय पर कर भरना चाहिए।
राजस्व बढ़ने से शहर के विकास के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध होगी और बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से दी जा सकेंगी। अतः नागरिक स्वयं प्रेरणा से कर भरें और संभावित जब्ती की कार्रवाई से बचें।
जुम्मा प्यारेवाले, मुख्याधिकारी, नगर परिषद भंडारा