उपराष्ट्रपति लौट रहे सांसद प्रशांत पडोले का नागपुर बायपास पर एक्सीडेंट, कार की हुई ये हालत
Prashant Padole Accident News: भंडारा-गोंदिया सांसद डॉ. प्रशांत पडोले नागपुर बायपास पर हुए भीषण सड़क हादसे में बाल-बाल बचे। लेकिन उनकी फॉर्च्यूनर कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
- Written By: आकाश मसने
अस्पताल में भर्ती सांसद प्रशांत पडोले व दुर्घटनाग्रस्त वाहन (फोटो नवभारत)
Bhandara-Gondia MP Prashant Padole Road Accident News: नागपुर बायपास पर उमरेड फाटे के पास गुरुवार को सुबह 5 बजे हुए भीषण हादसे में भंडारा-गोंदिया के सांसद डॉ. प्रशांत पडोले बाल-बाल बच गए। उपराष्ट्रपति पद का मतदान संपन्न कर लौट रहे सांसद की फॉर्च्यूनर कार अचानक सामने से आए वाहन से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि सांसद और उनके सहयोगी सुरक्षित बाहर निकल आए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सांसद डॉ. पडोले बुधवार को दिल्ली में उपराष्ट्रपति पद की निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न करने के बाद मुंबई पहुंचे थे। मुंबई से काम निपटाकर वे गुरुवार तड़के अपने फॉर्च्यूनर कार (क्र. एमएच-36 एपी-9911) से भंडारा लौट रहे थे। सुबह लगभग 5 बजे जैसे ही उनकी कार नागपुर बायपास के उमरेड फाटे के समीप पहुंची, सामने से अचानक आए वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी।
मामूली चोटें, सभी सुरक्षित
हादसे के बाद कुछ क्षणों तक दृश्य बेहद भयावह था। कार के शीशे बिखर गए, धातु मुड़कर टेढ़ी-मेढ़ी हो गई। गाड़ी देखने वालों की सांसें थम सी गईं, लेकिन अंदर बैठे डॉ. पडोले और उनके सहयोगी चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने सांसद को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
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जैसे ही हादसे की खबर गोंदिया-भंडारा जिलों में पहुंची, सांसद के समर्थकों में चिंता का माहौल फैल गया। गांव-गांव और चौक-चौराहों पर लोग एक-दूसरे से यही पूछते रहे। कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि डॉ. पडोले को केवल मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा न मिलना बड़ा सवाल
भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा नक्सल प्रभावित है। ऐसे हालात में सांसद को अब तक सरकारी सुरक्षा न मिलना बड़ी विडंबना बताया जा रहा है। भाजपा सरकार से बार-बार मांग करने के बावजूद सुरक्षा उपलब्ध न होने से इस हादसे के बाद फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की लापरवाही पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हमारे सांसद ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? फिलहाल सांसद की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
