

Highlights:
मोहाड़ी तहसील के रोहा स्थित वैनगंगा नदी पात्र में मंगलवार तड़के करीब 5.30 बजे अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया।
कार्रवाई करने पहुंची राजस्व टीम को देखकर पांच ट्रैक्टर चालकों ने करीब पांच ब्रास रेत मौके पर फेंक दी और फरार हो गए।
नीले रंग के स्वराज ट्रैक्टर के चालक ने राजस्व कर्मचारियों की ओर ट्रैक्टर बढ़ाकर उन्हें कुचलने का प्रयास किया।
Wainganga River Sand Mining: भंडारा जिले के मोहाड़ी तहसील के रोहा स्थित वैनगंगा नदी पात्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची राजस्व टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किए जाने की घटना मंगलवार को तड़के करीब 5.30 बजे सामने आई। टीम ने ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो चालकों ने प्रत्येक ट्रैक्टर से एक-एक ब्रास रेत मौके पर फेंकी और पांचों ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए। इस मामले में दस लोगों के खिलाफ मोहाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
सरकारी वाहन आड़ा लगाकर ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास: मंडल अधिकारी जगदीश कुंभारे, महादेव इप्पर, ग्राम राजस्व अधिकारी विकास कदम, ओम भुरे, कार्तिक सिरसकर और वाहन चालक कृष्णा भोयर का दल सरकारी वाहन से रोहा स्थित वैनगंगा नदी पात्र में जांच के लिए पहुंचा था, वहां पांच ट्रैक्टरों की मदद से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था।
राजस्व टीम के पहुंचने का पता चलते ही चालकों ने करीब पांच ब्रास रेत, जिसकी कीमत लगभग 30 हजार रुपए बताई गई है, मौके पर फेंक दी और ट्रैक्टर लेकर भागने लगे। राजस्व दल ने सरकारी वाहन आड़ा लगाकर ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान नीले रंग के स्वराज ट्रैक्टर के चालक ने लापरवाही से ट्रैक्टर राजस्व कर्मचारियों की ओर बढ़ाया। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
अन्य चार ट्रैक्टर चालकों ने पास के बैंगन के खेत से ट्रैक्टर निकालकर भागने का रास्ता अपनाया। राजस्व टीम ने दो ट्रैक्टरों के फोटो भी लिए हैं, जिनमें चालक दिखाई देने की बात शिकायत में कही गई है। फरार ट्रैक्टरों में एक लाल रंग का बिना नंबर वाला स्वराज ट्रैक्टर था, जिस पर छत नहीं थी। अन्य चार ट्रैक्टर नीले रंग के थे और उनके साथ नीली ट्रॉलियां तथा छत लगी हुई थी।
राजस्व टीम ने शिकायत में आशंका जताई है कि वैनगंगा नदी पात्र में पुल के पास अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से पुल की नींव तथा स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है। इस मामले में धनपाल ठवकर, मयंक बांडेबुचे, राधेश्याम ठवकर, गजानन भोयर, मीताराम चोपकर, शुभम ठवकर, हंसराज राऊत, महेंद्र भोयर, अंकित चोपकर और निलेश झेलकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।