अब तक नहीं हुआ मेडिकल कॉलेज को भवन का हस्तांतरण, करारनामा बिना ही शुरू कर दिया उपयोग

Bhandara Medical College: भंडारा में बिना हस्तांतरण मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं चलने पर विवाद गहराया, महिला अस्पताल शुरू होने पर प्रयोगशाला हटाने की नौबत आ सकती है।
सरकारी मेडिकल कॉलेज, भवन स्वामित्व विवाद, भंडारा ताजा समाचार, Bhandara medical college dispute
Bhandara women hospital project (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhandara Women Hospital Project: भंडारा में सरकारी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हो चुकी है और जिला सामान्य अस्पताल की इमारत में विधिवत करारनामा कर वैद्यकीय सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेज के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम सवाल अब भी अनुत्तरित है। पिछले दो वर्षों से जिला महिला अस्पताल की निर्माणाधीन इमारत में मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन इस भवन के उपयोग को लेकर अब तक कोई आधिकारिक करारनामा या हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार भवन का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। केवल पहले चरण का काम पूरा हुआ है, जबकि दूसरे चरण का निर्माण जारी है। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि जब भवन पूरी तरह तैयार नहीं है तो उसका विधिवत हस्तांतरण कैसे किया जा सकता है। निर्माण अधूरा होने के कारण भवन का उद्घाटन भी नहीं हुआ है, फिर भी पिछले दो वर्षों से यहां कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इससे बिना अनुमति भवन उपयोग किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।

भंडारा जिला स्त्री रुग्णालय

भवन की स्थिति भी विवाद का विषय बनी हुई है। इमारत के एक ओर “जिला स्त्री रुग्णालय, भंडारा” और दूसरी ओर “शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, भंडारा” लिखा हुआ है। एक ही भवन पर दो अलग-अलग नाम अंकित होने से स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवा विभाग के अंतर्गत आते हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित है। ऐसे में भवन का विधिवत हस्तांतरण कर प्रशासनिक स्पष्टता लाना आवश्यक माना जा रहा है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग की ओर से भवन का आधिकारिक हस्तांतरण नहीं किया गया है।

तो प्रयोगशाला हटानी पड़ सकती है

उधर, भंडारा के विधायक नरेंद्र भोंडेकर महिला अस्पताल को जल्द शुरू कराने के लिए प्रयासरत हैं। उनके प्रयासों से महिला अस्पताल परियोजना को गति मिली है। यदि महिला अस्पताल इसी भवन में शुरू होता है तो वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के लिए स्थान संकट खड़ा हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक जिस हिस्से पर जिला महिला अस्पताल अंकित है, वहां से मेडिकल कॉलेज को अपने लेक्चर हॉल और प्रयोगशालाएं हटानी पड़ सकती हैं। इससे कॉलेज प्रबंधन के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो सकती है।

कमेटी की रिपोर्ट पर होगा फैसला

महिला अस्पताल शुरू करने के संबंध में एक समिति का गठन किया गया है। समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपेगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और महिला अस्पताल के शुभारंभ पर निर्णय लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार इस संबंध में समिति की बैठक 5 मार्च को प्रस्तावित है। कुल मिलाकर अधूरे निर्माण, हस्तांतरण में देरी और विभागों के बीच समन्वय की कमी ने स्थिति को जटिल बना दिया है। अब सभी की नजर समिति की रिपोर्ट और प्रशासनिक फैसले पर टिकी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com