

Pre Monsoon Maintenance Bhandara Campaign: भंडारा जिले के बिजली उपभोक्ताओं को आगामी मानसून के दौरान बिना किसी बाधा के लगातार और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महावितरण की ओर से चलाया गया मानसून पूर्व रखरखाव और मरम्मत अभियान शत-प्रतिशत सफल रहा है। भंडारा और साकोली दोनों संभागों के अंतर्गत योजनाबद्ध सभी 36 प्रकार के तकनीकी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए गए हैं।
इस बड़ी सफलता के साथ ही महावितरण की पूरी प्रणाली अब मानसून की चुनौतियों और विपरीत मौसम का सामना करने के लिए तैयार है। तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश के कारण बिजली प्रणाली पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बारिश के दिनों में अक्सर पेड़ों या उनकी टहनियों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट जाती हैं, खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, या फिर भूमिगत केबलों में पानी घुसने से बिजली गुल हो जाती है।
इन सभी संभावित खतरों को टालने के लिए बड़े पैमाने पर प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे विश्वसनीय सेवा मिल सके। मोहाडी, भंडारा शहर, भंडारा ग्रामीण, तुमसर, पवनी, लाखांदुर, साकोली और लाखनी जैसे सभी संबंधित उप-संभागों में रखरखाव का काम तय लक्ष्य के अनुसार पूरा हुआ। भंडारा सर्कल में कुल 5,100 स्पैन पर गश्त कर पेड़ों की छंटाई का काम निपटाया गया, जिसमें भंडारा संभाग के 2,600 और साकोली संभाग के 2,500 स्पैन शामिल हैं।
इसके साथ ही शॉर्ट सर्किट की घटनाओं को रोकने के लिए 1,495 पिन इंसुलेटर और 670 डिस्क इंसुलेटर बदलने का काम भी पूरी तरह संपन्न कर लिया गया है। वहीं, बिजली सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 640 डीटीसी अर्थिग, 1,190 खराब खंभे बदलने और 730 स्थानों पर एचटी लाइन गार्डिंग का काम समय पर पूरा किया गया।
भंडारा महावितरण अधीक्षक अभियंता राजेंद्र गिरी ने कहा है की "मानसून पूर्व चलाए गए इस व्यापक अभियान की बदौलत बिजली रिसाव (लीकेज) को कम करने और आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार लाने में बड़ी मदद मिलेगी। वितरण ट्रांसफार्मर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 13,533 डीटीसी ब्रीदर और एलए बदलने का काम पूरा किया गया है। जिससे इन महंगे उपकरणों का जीवनकाल बढ़ जाएगा। महावितरण की इस पूर्व-नियोजित तैयारी के कारण उपभोक्ताओं को बारिश के दिनों में बेहतर और सुरक्षित सेवा का अनुभव मिलेगा।"
इस विशेष अभियान के तहत 33 केवी और 11 केवी की मुख्य बिजली लाइनों के सुदृढीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। सभी 78 (33 केवी) और 248 (11 केवी) बिजली लाइनों की मरम्मत का काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इसके अलावा 45 मुख्य उपकेंद्रों और 52 उपकेंद्रों में मौजूद स्टैंडबाय केबलों को भी दुरुस्त कर लिया गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से बिजली की आपूर्ति तुरंत बहाल की जा सके।
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| तकनीकी कार्य का प्रकार | भंडारा संभाग | साकोली संभाग | संपन्न कार्य |
| गश्त और पेड़ों की छंटाई | 2,600 | 2,500 | 5,100 |
| पिन इंसुलेटर रिप्लेसमेंट | 800 | 695 | 1,495 |
| डिस्क इंसुलेटर रिप्लेसमेंट | 390 | 280 | 670 |
| डीटीसी अर्थिग दुरुस्ती | 350 | 290 | 640 |
| ट्रांसफार्मर ऑयल टॉपिग | 65 | 60 | 125 |
| क्षतिग्रस्त खराब पोल बदलना | 720 | 470 | 1,190 |
| एचटी लाइन गार्डिंग सुरक्षा | 420 | 320 | 740 |