Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Dangerous El Nino Effect: 105 करोड़ की तबाही से कांपा भंडारा, 2 लाख हेक्टेयर पर सूखे का साया

El Nino Effect: भंडारा जिले में 'एल नीनो' के कारण कम बारिश की आशंका के चलते कृषि विभाग ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 1.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बुआई का सूक्ष्म नियोजन तैयार किया है।

  • Written By: केतकी मोडक
Updated On: Jun 02, 2026 | 12:57 PM

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)

Follow Us
Follow Us:

El Nino Effect On Maharashtra Farming: इस वर्ष के आगामी खरीफ सीजन 2026-27 में वैश्विक मौसम प्रणाली ‘एल नीनो’ के सक्रिय प्रभाव के चलते मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई है। इस चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला कृषि विभाग ने बेहद सतर्कता बरतते हुए खरीफ सीजन के लिए कुल 1 लाख 98 हजार 097 हेक्टेयर क्षेत्र पर विभिन्न फसलों की बुआई का एक अत्यंत सूक्ष्म नियोजन तैयार किया है।

गौरतलब है कि भंडारा जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्र 2 लाख 19 हजार 147 हेक्टेयर है। पिछले साल की प्राकृतिक आपदाओं से कड़ा सबक लेते हुए इस बार जिला प्रशासन बुआई से लेकर फसल कटाई तक बेहद सतर्क और गंभीर नजर आ रहा है।

धान और अरहर के रकबे में बढ़ोतरी, सोयाबीन पिछड़ा

आधिकारिक सांख्यिकीय रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले खरीफ सीजन 2025-26 में भी जिले में कुल 1 लाख 98 हजार 097 हेक्टेयर पर फसलों की बुआई की गई थी, जिसमें से अकेले मुख्य फसल धान का हिस्सा 1 लाख 83 हजार 714 हेक्टेयर दर्ज किया गया था। इस साल के नए नियोजन में धान की फसल के लिए लक्ष्य को थोड़ा बढ़ाते हुए 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही उन्नत कृषि तकनीकों के माध्यम से प्रति हेक्टेयर धान की उत्पादकता को बढ़ाकर 2,500 किलोग्राम तक ले जाने का महत्वाकांक्षी इरादा कृषि विभाग ने जताया है।

सम्बंधित ख़बरें

शिवाजी महाराज पर लिखी किताब को लेकर बढ़ा विवाद, प्रकाशक ने नष्ट की 45,000 प्रतियां; जानें क्या है पूरा मामला

नार-पार-गिरणा नदीजोड़ परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी, 7465 करोड़ से बदलेगी उत्तर महाराष्ट्र की तकदीर

भंडारा में मटका, जुआ और अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा, 7.12 लाख का माल जब्त, कई आरोपी गिरफ्तार

‘हमें हल्के में न लें, आरपीआई कहीं नहीं जाएगी लेकिन सम्मान जरूरी’; एमएलसी टिकट न मिलने पर भड़के रामदास आठवले

अन्य फसलों की बात करें, तो तुअर का बुआई क्षेत्र पिछले साल 9,334 हेक्टेयर था, जिसे इस साल बढ़ाकर 11,200 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके विपरीत, बाजार की बदलती परिस्थितियों के कारण सोयाबीन का क्षेत्र पिछले वर्ष के 760 हेक्टेयर से घटकर इस बार महज 550 हेक्टेयर पर सिमटने का अनुमान है। वहीं, नकदी फसल गन्ने का क्षेत्र पिछले सीजन के 953 हेक्टेयर से बढ़कर इस साल 1,143 हेक्टेयर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। कपास के लिए इस वर्ष जिले में कुल 960 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए 21.12 क्विंटल उन्नत बीजों की जरूरत आंकी गई है।

पिछले साल की प्राकृतिक आपदा से सहमे हैं किसान

भंडारा जिले के किसानों को पिछले वर्ष अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के पूरे चक्र के दौरान भीषण बेमौसम बारिश और तीव्र ओलावृष्टि जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा था। उस दौरान अचानक आई इस आपदा से जिले भर की कुल 61,140 हेक्टेयर क्षेत्र की लहलहाती फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई थीं, जिससे लगभग 1 लाख 55 हजार 516 किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए थे। इस भारी वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को पीड़ित किसानों के खातों में करीब 105 करोड़ रुपये की आपातकालीन राहत मदद राशि भेजनी पड़ी थी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल एल नीनो के कारण होने वाले बड़े नुकसान को दोबारा टालने के लिए फसल बीमा और जल स्रोतों का सही प्रबंधन किसानों के लिए जीवन रक्षक साबित होने वाला है।

यह भी पढे़ं:- अग्निशमन विभाग की बंद आंखें, बिना निरीक्षण पास हो रहीं फाइलें; नागपुर में अवैध निर्माण बना जानलेवा

आवश्यक बीजों की मांग और आपूर्ति का सांख्यिकीय नियोजन

जिले की मुख्य फसल धान होने के कारण इसके बीजों की मांग ग्रामीण अंचलों में सबसे ज्यादा देखी जा रही है। खरीफ सीजन के लिए आवश्यक प्रमुख बीजों की मांग और विभिन्न माध्यमों से उनकी उपलब्धता का सांख्यिकीय विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

फसल का नाम कुल बीज आवश्यकता (क्विंटल में) महाबीज से आपूर्ति (सरकारी कोटा) निजी कंपनियों से आपूर्ति
धान 44,532 4,000 40,532
अरहर (तुअर) 379 50 329
सोयाबीन 123 10 113

प्रत्येक तहसील के लिए तैयार है विशेष रूपरेखा

कम वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए जिला कृषि विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिले के उपविभागीय कृषि अधिकारी पद्माकर गिदमारे ने मौसम को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “मौसम के बदलते पूर्वानुमान और एल नीनो की चुनौती को ध्यान में रखकर हमने इस बार जिले की प्रत्येक तहसील के लिए फसल नियोजन की एक विशेष रूपरेखा (प्लान) तैयार की है। हमारा मुख्य ध्यान इस बात पर है कि विपरीत मौसम में भी किसानों को समय पर केवल उच्च गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज ही मिल सकें। इसके लिए सरकारी संस्था महाबीज और विश्वसनीय निजी कंपनियों के माध्यम से पूरे जिले में बीजों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि दोबारा बुआई का संकट पैदा न हो।”

Bhandara kharif season sowing plan el nino effect paddy seeds demand 2026

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 02, 2026 | 12:57 PM

Topics:  

  • Bhandara News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.