SSP Fertilizer (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा में खरीफ सीजन की तैयारी तेज, 25,632 मीट्रिक टन उर्वरक भंडार उपलब्ध

Kharif Season 2026: भंडारा जिले में खरीफ सीजन 2026 के लिए 1।04 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की मांग दर्ज की गई है। कृषि विभाग ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की है।

महाराष्ट्र डेस्क

Bhandara Agriculture News: खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए भंडारा जिला कृषि विभाग ने 1 लाख 98 हजार 97 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का सूक्ष्म नियोजन पूरा कर लिया है। जिले का कुल खेती योग्य क्षेत्र 2 लाख 19 हजार 147 हेक्टेयर है। धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जिले में उर्वरकों की मांग को देखते हुए कृषि विभाग ने पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है। खरीफ सीजन के लिए जिले में कुल 1 लाख 4 हजार 500 मीट्रिक टन उर्वरकों की मांग दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान में 25 हजार 632 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है।

कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन के लिए 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 21 हजार मीट्रिक टन एसएसपी तथा 42 हजार 300 मीट्रिक टन मिश्रित एवं संयुक्त उर्वरकों की आवश्यकता है। मई 2026 के मध्य तक जिले में 4 हजार 952 मीट्रिक टन यूरिया, 1 हजार 333 मीट्रिक टन डीएपी, 8 हजार 767 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 10 हजार 578 मीट्रिक टन मिश्रित उर्वरक उपलब्ध थे। तहसील स्तर पर देखा जाए तो मोहाड़ी में यूरिया और मिश्रित उर्वरकों का सबसे अधिक भंडार उपलब्ध है।

36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

उर्वरकों के सुचारू वितरण के लिए तुमसर में रैक प्वाइंट विकसित किया गया है। इसके लिए गोदाम निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। गोदाम तक पहुंचने वाले मार्ग के निर्माण के लिए जिला प्रशासन और रेलवे विभाग के साथ पत्राचार किया गया है, ताकि उर्वरकों की ढुलाई और वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए 862 बिक्री केंद्रों पर ईपॉस मशीन के माध्यम से बिक्री अनिवार्य की गई है। अब तक 223 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 54 केंद्रों पर अनियमितताएं पाई गईं। 31 मार्च 2026 तक गठित उड़नदस्तों द्वारा बीज और उर्वरकों से जुड़े मामलों में 2 पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा 52 लाख 38 हजार रुपये मूल्य का माल जब्त किया गया है। इसके अलावा अप्रैल 2026 में 36 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह

कृषि विभाग ने जिले की प्रमुख फसलों धान और तूअर के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया है। किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन, बीज उपचार तथा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि उर्वरक खरीदते समय पक्की रसीद अवश्य लें तथा केवल प्रमाणित और प्रतिष्ठित कंपनियों के बीज ही खरीदें।शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्षकृषि आदानों से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

अनियमितताओं पर कार्रवाई

किसान 9423028372 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने कहा कि यदि कोई विक्रेता नकली बीज बेचता है या निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचता है, तो किसान प्रमाण सहित शिकायत करें। ऐसी शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को भी निर्देश दिए हैं कि किसानों को अनावश्यक रूप से अन्य वस्तुओं की खरीद के लिए बाध्य किए बिना उर्वरकों की बिक्री केवल ईपॉस मशीन के माध्यम से करें।

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