फर्जी बीजों से बचें किसान, कृषि विभाग ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

Fake Seeds Alert: खरीफ बुआई से पहले कृषि विभाग ने किसानों को फर्जी बीजों से सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने बीज खरीदते समय बिल, लॉट नंबर और खाली बैग सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए हैं।
harif Season Agriculture Department Guidelines In Gondia District
प्रतीकात्मक तस्वीर (सार्स - सोशल मीडिया)
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Kharif Season Agriculture Department Guidelines In Gondia District: मानसून का मौसम नजदीक है और गोंदिया जिले के किसानों ने खरीफ सीजन के लिए बुवाई शुरू कर दी है। हालांकि, हर साल बुआई के बाद फर्जी बीज मिलने या बीज के अंकुरण न होने की कई शिकायतें आती रहती हैं। किसानों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए कृषि विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है और बीज खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना है, इस पर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।

मृग नक्षत्र शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में जिले के किसान खेती-किसानी में जुट गए हैं। खरीफ फसल की योजना बनाने के लिए किसान बाजार में बीज और खाद खरीदने के लिए भीड़ लगाने लगे हैं। बुआई का समय न बीते इसके लिए किसान अभी से ही तैयारी में जुट गए हैं। हर साल किसानों को धोखा दिया जाता है। इसलिए कृषि विभाग की ओर से अभी से जागरूक किया जा रहा है। किसानों से सावधानी बरतने का आग्रह किया जा रहा है।

साल भर में कई नमूने फर्जी : कृषि विभाग द्वारा

पिछले वर्ष गोंदिया जिले में चलाए गए विभिन्न बीजों के अभियान के दौरान कई नमूने अप्रमाणित पाए गए हैं। इससे किसान भारी आर्थिक नुकसान से बच गए हैं और ऐसे बीजों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फर्जी बीज बेचने वाली कंपनियों पर कृषि विभाग की पैनी नजर है।

जिला स्तर पर विशेष शिकायत निवारण कक्ष और उड़न दस्ते की टीमें तैनात

गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने कहा की "गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने कहा की जिला स्तर पर विशेष शिकायत निवारण कक्ष और उड़न दस्ते की टीमें तैनात की गई हैं। किसान बीज खरीदते समय पक्का बिल ले तथा लॉट नंबर अवश्य जांच ले। धोखाधड़ी से बचने के लिए बीज केवल अनुमोदित दुकानों से ही खरीदें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें।"

बैग मत् फेंको, वह - सबूत हो सकता है

बुआई के बाद बीज की खाली थैली, टैग व खरीदी का प्रमाण सुरक्षित रखें। बीज फर्जी निकलने या अंकुरण न होने पर कानूनी कार्रवाई के लिए यही मुख्य साक्ष्य है। किसान बैग फेंक देते हैं तो शिकायत करना मुश्किल हो जाता है। बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच घरेलू प्रयोग से करें, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके। किसान आधिकारिक परीक्षण के लिए बीज के नमूने सरकारी बीज परीक्षण प्रयोगशाला में भेज सकते हैं।

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