

Bhandara Flood Alert: भंडारा जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज बदला नजर आया, जहां कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ीं। भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी यलो अलर्ट के बीच जिले में औसतन 31.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
सितंबर माह में अब तक जिले में कुल 93.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में पालोरा राजस्व मंडल में सर्वाधिक 81 मिमी और सिहोरा मंडल में 65 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान के नियमों के अनुसार 65 मिमी या उससे अधिक बारिश को अतिवृष्टि माना जाता है, जिसके चलते इन दोनों क्षेत्रों में अतिवृष्टि की स्थिति बनी।
तूफानी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में 17 मकान और 3 मवेशी शेड (गोठे) क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। इसमें 12 मकान आंशिक रूप से तथा 5 मकान पूरी तरह से ढह गए हैं। नुकसान का मुख्य असर तुमसर, मोहाडी और साकोली तहसीलों में देखने को मिला है। स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कारधा के निकट वैनगंगा नदी में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है। कारधा के पास नदी की चेतावनी सीमा 245.00 मीटर और खतरे का निशान 245.50 मीटर पर निर्धारित है। 13 सितंबर की सुबह नदी का जलस्तर 244.61 मीटर दर्ज किया गया, जो कि चेतावनी सीमा से नीचे है। हालांकि ऊपरी इलाकों में हो रही बारिश को देखते हुए जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते तटीय इलाकों में प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख जलशायों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 सितंबर की सुबह गोसीखुर्द बांध का जलस्तर 76.88 प्रतिशत तक पहुंच गया। पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए बांध के 7 गेट 0.50 मीटर तक खोलकर 959.18 क्यूमेक पानी का विसर्ग किया जा रहा है। इसी प्रकार धापेवाड़ा बांध 69.80 प्रतिशत भर चुका है और इसके 9 गेट 1 मीटर तक खोलकर 1108.71 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर, पुजारीटोला बांध में 89.54 प्रतिशत, बावनथड़ी में 34.84 प्रतिशत और संजय सरोवर बांध में 87.60 प्रतिशत जलसंग्रह है, हालांकि फिलहाल इन तीनों बांधों के सभी गेट बंद रखे गए हैं।