8 साल से अधूरा वैनगंगा पुल, नाव से नदी पार कर रहे लोग, मंत्री भोसले ने जनवरी तक पूरा करने के दिए निर्देश

Bhandara Itan Kolari Bridge: भंडारा के लाखांदूर का ईटान-कोलारी पुल आठ साल से अधूरा है। इससे नागरिकों और विद्यार्थियों को आज भी नाव से वैनगंगा नदी पार करनी पड़ रही है।
Bhandara Bridge Wainganga River Chandrapur
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने इस लंबित पुल के निर्माण कार्य की समीक्षा की सोर्स: नवभारत डिज़ाइन फोटो
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Bhandara Bridge Wainganga River Chandrapur: भंडारा जिले के लाखांदूर तालुक को चंद्रपूर जिले को सीधे जोड़ने वाला वैनगंगा नदी पर बन रहा इंटान-कोलारी पुल निर्माण की धीमी गति के कारण आज भी अधूरा पड़ा है। वर्ष 2018 में इस महत्वाकांक्षी पुल का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन करीब आठ वर्ष बीतने के बावजूद पुल यातायात के लिए खुल नहीं पाया है।

इसके चलते नदी के उस पार जाने के लिए क्षेत्र के नागरिकों, किसानों, मजदूरों और विशेष रूप से विद्यार्थियों को आज भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले के ईटान और चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी तहसील के कोलारी गांव को जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण के लिए निधि मंजूर होने के बाद प्रत्यक्ष काम शुरू हुआ था। शुरुआत में मार्च 2024 तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

नाविक वॉटर ट्रांसपोर्ट सोसायटी

हालांकि निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी पुल का काम पूरा नहीं हो सका है। पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को वैनगंगा नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 60 से 65 वर्षों से नाविक वॉटर ट्रांसपोर्ट सोसायटी के माध्यम से नदी पार आवागमन जारी है।

बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर और प्रवाह बढ़ने पर यह सफर और भी खतरनाक हो जाता है। शिक्षा के लिए ब्रह्मपुरी की ओर जाने वाले विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

चार दशक के प्रयास के बाद मिली मंजूरी

करीब 45 वर्ष पहले किटाड़ी-विरली जिला मार्ग के निर्माण के दौरान इस पुल के लिए सर्वेक्षण किया गया था। लेकिन विभिन्न कारणों से पुल निर्माण का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए सेतु निर्माण कृति समिति का गठन किया।

समिति ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए, आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद पुल निर्माण को मंजूरी मिली। हालांकि निर्माण शुरू होने के बावजूद काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ने के कारण अब स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब देने लगा है।

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मंत्री ने जनवरी तक पूरा करने के दिए निर्देश

भंडारा जिले के दौरे पर आए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने अधिकारियों से इस लंबित पुल के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए जनवरी तक पुल का निर्माण पूरा करने और फरवरी तक इसे नागरिकों के आवागमन के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासन इन निर्धारित समयसीमाओं का पालन करता है या नहीं, इस पर क्षेत्र के नागरिकों की नजर लगी हुई है।

क्षेत्र के विकास के लिए पुल जरूरी भंडारा जिले के लाखांदूर तालुक को ईटान-कोलारी पुल से चंद्रपुर और भंडारा जिले आपस में जुड़ेंगे। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार के लिए आवागमन आसान होगा। क्षेत्र के विकास के लिए पुल का निर्माण जल्द पूरा होना जरूरी है।
- प्रदीप बुराडे, संचालक, जिला बैंक,
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