Bhandara News: अगले साल तक टले भंडारा के ग्राम पंचायत चुनाव! प्रशासकों के सीमित अधिकारों से विकास प्रभावित

Bhandara Development Works: भंडारा में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से प्रशासक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सीमित अधिकारों के चलते विकास कार्य और भुगतान अटके हैं।
bhandara gram panchayat election delay development work 2027
भंडारा ग्राम पंचायत चुनाव(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara Gram Panchayat Election: भंडारा जिले की अनेक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के न रहने से गांवों की कमान फिलहाल प्रशासकों के हाथों में आ गई है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रक्रिया में तेजी न दिखाए जाने के कारण अब यह संभावना जताई जा रही है कि इन ग्राम पंचायतों के चुनाव अगले साल यानी 2027 में ही संपन्न हो सकेंगे। हालांकि, ग्राम पंचायत प्रशासन का दैनिक कामकाज सुचारु रखने की जिम्मेदारी प्रशासकों को सौंपी गई है, लेकिन उनके अधिकारों पर लगी प्रशासनिक सीमाओं के कारण गांवों के विकास कार्यों की गति पूरी तरह थम गई है।

जलापूर्ति, बिजली बिल का भुगतान और आवश्यक स्वच्छता जैसे नियमित खर्चों की अनुमति तो है, परंतु नए विकास कार्यों की स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया और पूर्व में पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान पर रोक लगने से ग्रामीण क्षेत्रों में गतिरोध पैदा हो गया है। सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के न होने से ग्रामीणों को अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बारिश के इस मौसम में सड़कों पर बने गड्ढे, अवरुद्ध नालियां, कीचड़ और जलभराव की समस्याएं विकराल रूप ले चुकी हैं।

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भंडारा में सड़क-नाली समेत विकास कार्य अटके

ऐसे समय में तत्काल मरम्मत कार्यों की अत्यधिक आवश्यकता होती है, परंतु प्रशासकों के सीमित अधिकारों के कारण बड़े स्तर के कार्यों को तुरंत मंजूरी नहीं मिल पा रही है। विकास कार्यों में आए इस ठहराव से गांवों में सड़क मरम्मत, नाली निर्माण, सार्वजनिक स्थलों का जीर्णोद्धार, आंतरिक रास्ते, सामुदायिक भवन और सार्वजनिक शौचालयों से जुड़ी कई योजनाएं अधर में लटक गई हैं। प्रस्तावित कार्य होने के बावजूद निर्णय लेने की शक्ति सीमित होने के कारण उन्हें शुरू नहीं कराया जा पा रहा है। इसके साथ ही प्रशासकीय अवधि में नई निविदाएं निकालने पर पाबंदी लागू है। वहीं, जिन ठेकेदारों ने पूर्व में काम पूरा कर लिया है, उनके बिलों का भुगतान भी प्रशासनिक फाइलों में अटका हुआ है। काम पूरा होने के बाद भी राशि न मिलने से ठेकेदारों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

प्रभाग रचना कार्यक्रम जारी

वर्ष 2026 में कार्यकाल समाप्त होने वाली ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग ने प्रभाग रचना का कार्यक्रम जारी किया है। हालांकि, मतदान की अंतिम तिथियों और चुनाव कार्यक्रम के संबंध में अपडेट के लिए राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक सूचनाओं का संदर्भ लिया जा सकता है। ऐसे में नए जनप्रतिनिधियों के चुनाव और नियमित विकास कार्यों के पुनः प्रारंभ होने के लिए अब ग्रामीणों के साथ-साथ ठेकेदार भी चुनाव प्रक्रिया के आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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