Maharashtra Politics Supriya Sule FCRA Bill: पूर्व केंदीय मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने प्रस्तावित विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन बिल का कड़ा विरोध किया है। साथ ही महाराष्ट्र की मूलभूत सुविधाओं व विकास के मसले को लेकर पार्टी के सभी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल सोमवार को मुलाकात करने वाले हैं।
यह जानकारी पार्टी की कार्याध्यक्ष व सांसद सुप्रिया सुले ने दी है। राकांपा सांसदों की पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। राकांपा के दोनों गुटों के विलय व शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच यह भेंट अहम मानी जा रही है।
बहरहाल सुप्रिया सुले ने शनिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि प्रस्तावित एफसीआरए बिल का असली उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक व शैक्षणिक कार्यों पर केंद्र सरकार का नियंत्रण स्थापित करना है। सरकार इस बिल के जरिए उन चैरिटी और संस्थाओं को नियंत्रित करना चाहती है जो समाज के विकास में लगी हैं।
यदि मुस्लिम या ईसाई समुदाय के बच्चों की शिक्षा या अन्य विकास कार्यों के लिए विदेश से वैध राशि आती है, तो सरकार को उस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। नए प्रावधानों से देश के अल्पसंख्यकों और उनके संस्थानों को निशाना बनाया जा सकता है।
मैं भारत सरकार से अनुरोध करती हूं कि जल्दबाजी न करें।
सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा करनी चाहिए। एफसीआरए बिल हम पर न थोपा जाए।
हमे चर्चा कर सही रास्ता निकालना चाहिए। सुप्रिया ने कहा कि महाराष्ट्र में पानी का गंभीर मसला है।
विकास के फ्रेमवर्क में कई मुद्दे हमारे सांसदों के जिम्मे है।
इन तमाम मसलों को लेकर पीएम मोदी से बातचीत कर हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
हमारे पार्टी के 8 सांसद पीएम मोदी से मिलेंगे और इस शिष्टमंडल में वह खुद भी शामिल रहेगी।