नवजात की तस्करी (AI Generated Image)
Newborn Baby Smuggling Racket: भंडारा और गोंदिया जिले में सनसनी फैलाने वाले नवजात बालिका तस्करी मामले का वरठी पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई में पर्दाफाश हुआ है। इलाज के बहाने माता-पिता को गुमराह कर महज 10 दिन की नवजात बच्ची की बिक्री करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें से 1 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की 1098 हेल्पलाइन पर 2 फरवरी को सूचना मिली कि भंडारा जिले के पांढराबोडी निवासी मालती प्रकाश वाघमारे अपने घर 10 दिन की एक नवजात बच्ची लाई है। चाइल्ड हेल्पलाइन की समन्वयक लोकप्रिया देशभ्रतार ने टीम के साथ जांच की। पूछताछ में पता चला कि महिला अकेली रहती है और बच्ची को गोंदिया से लाया गया है। आगे पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर वह महिला बच्ची को लेकर फरार हो गई।
वरठी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलेभर में नाकाबंदी की। मोहाडी पुलिस थाना क्षेत्र के कुशारी फाटा पर एक संदिग्ध वाहन को रोका गया। वाहन में पौर्णिमा सतीश धुर्वे नामक महिला के पास वही नवजात बच्ची मिली। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गोंदिया के एक डॉक्टर के कहने पर बच्ची को ले जाया जा रहा था।
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जांच में बच्ची के असली माता-पिता का पता चला। समय से पहले जन्म होने के कारण बच्ची की तबीयत खराब थी। गोंदिया के डॉक्टर ने इलाज का खर्च अधिक होने की बात कहकर माता-पिता को विश्वास में लिया।
नागपुर की एक सामाजिक संस्था में मुफ्त इलाज कराने का झांसा देकर अपने सहयोगियों के माध्यम से बच्ची का सौदा किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मालती वाघमारे ने डॉक्टर के सहयोगी के खाते में चेक के माध्यम से बड़ी राशि जमा की थी।
भंडारा पुलिस ने पांच मुख्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें गोंदिया निवासी एक डॉक्टर (मुख्य सरगना), मालती प्रकाश वाघमारे (पांढराबोडी, भंडारा), ललेश्वरी नंदकिशोर सादेपाच (रामनगर, गोंदिया), पौर्णिमा सतीश धुर्वे (रामनगर, गोंदिया) और उमेशसिंह रामचंद्रसिंह गहलोत (गोंदिया) शामिल हैं। आरोपी ललेश्वरी सादेपाच को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी डॉक्टर और अन्य सहयोगी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।