भंडारा में एक ही जगह से मिलेगी गणेशोत्सव की अनुमति, हर मंडल को पुलिस थाने में जमा करना होगा आवेदन
Bhandara News: भंडारा में गणेशोत्सव की सभी अनुमतियां अब 'एकल खिड़की' प्रणाली से मिलेंगी। कलेक्टर की अध्यक्षता में निर्णय, नागरिकों को अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
- Written By: आकाश मसने
भगवान गणेश की प्रतिमा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhandara Ganeshotsav Permission News: गणेशोत्सव अनुमति प्रक्रिया के संदर्भ में नागरिकों को होने वाली परेशानी और समय की बर्बादी से बचाने के लिए भंडारा कलेक्टर राजेंद्र कुमार जाधव की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। गणेशोत्सव के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां अब ‘एकल खिड़की’ प्रणाली के अंतर्गत प्राप्त की जाएंगी।
अब तक, नागरिकों को अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रत्येक कार्यालय में अलग-अलग जाना पड़ता था। इससे आवेदकों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती थी। इस संबंध में चर्चा के बाद, सर्वसम्मति से संयुक्त अनुमति प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। अनुमति के लिए मुख्य शर्तें और प्रक्रियाओं के तहत गणेशोत्सव मंडलों को दिए गए प्रारूप में संबंधित पुलिस थाने में आवेदन जमा करना होगा।
प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों का विसर्जन करते समय सरकारी निर्णय के तहत दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सम्बंधित ख़बरें
Bhandara News: मोहाडी नगर पंचायत में सियासी घमासान, उपाध्यक्ष सचिन गायधने के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
Bhandara News: महाराष्ट्र में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, भंडारा में करोड़ों का माल जब्त
Bhandara News: किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 के लाभार्थियों की सूची जारी, भंडारा के 22,365 किसान पात्र, जानें आग
तुमसर में तेज रफ्तार टिप्पर का कहर, कार को टक्कर मारकर चालक फरार, परिवार बाल-बाल बचा
केवल 4 दिनों के ध्वनि छूट
भंडारा जिला कलेक्टर कार्यालय की अधिसूचना के माध्यम से गणेश उत्सव के 4 दिनों के लिए गणेश चतुर्थी (स्थापना), गणपति स्थापना के दूसरे दिन, अनंत चतुर्दशी, अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन प्रातः 6 बजे से मध्य रात्रि 12 बजे तक ध्वनि के प्रयोग के संबंध में छूट दी गई है। इसके अलावा गणेश मंडल को यह ध्यान रखना चाहिए कि अन्य दिनों में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन न हो।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में होगी 15631 पुलिसकर्मियों की भर्ती, महायुति सरकार ने दी मंजूरी
घरेलू गणेश प्रतिमाओं एवं 6 फीट से कम ऊंचाई वाली अन्य सभी प्रतिमाओं का कृत्रिम तालाबों एवं शिलाओं में विसर्जन किया जाए, निर्मल्य के लिए मंगल कलश का अधिकतम उपयोग किया जाए। गणेश उत्सव सादगीपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए और इसका उद्देश्य कलाओं का संरक्षण एवं संवर्धन, संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन, सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण एवं संवर्धन तथा सामाजिक कार्य करना होना चाहिए।
गणेशोत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा
चूंकि गणेशोत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा दिया गया है, इसलिए उत्सव मनाने पर ज़ोर देते हुए सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जन जागरूकता कार्यक्रम/पथ नाटक आदि आयोजित करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दान लेने से पहले धर्मार्थ निधि आयुक्त से अनुमति लेना और रसीद बुक में उस अनुमति का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
