भंडारा में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, संदिग्ध दवाएं और खाद्य सामग्री जब्त

Expired Food Products:  भंडारा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरी और भ्रामक दवाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। छापेमारी में संदिग्ध दवाएं व खाद्य सामग्री जब्त की गई।
bhandara fda action against food adulteration and fake medicines
Expired Food Products (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Food Adulteration: खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए के नवनियुक्त आयुक्त तुकाराम मुंडे के मार्गदर्शन में राज्यभर में मिलावटखोरी और नियमों के विरुद्ध हो रही बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है।

इसका प्रभाव भंडारा जिले में भी दिखाई दे रहा है, जहां प्रशासन ने खाद्य मिलावट और भ्रामक दवाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने तुमसर, मोहाडी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई दुकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की प्रतिबंधित और संदिग्ध दवाओं का भंडार जब्त किया गया।

मिलावटी सामान बेचने वालों को चेतावनी

विशेष रूप से तुमसर और भंडारा शहर के कुछ आयुर्वेदिक एवं औषधि विक्रय केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए मधुमेह और हृदय रोगों को तत्काल ठीक करने जैसे भ्रामक दावे करने वाली दवाओं का लगभग 30 हजार रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को गुमराह कर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

खाद्य मिलावट पर भी विशेष निगरानी

औषधियों के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने पर भी विभाग ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। खाद्य तेलों में मिलावट, सड़ेगले अथवा बिना एक्सपायरी विवरण वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रशासन की कड़ी नजर है। लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

रिक्त पदों के बावजूद अभियान जारी

विभाग में कई पद रिक्त होने के कारण कार्यरत अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है, फिर भी प्रशासन निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। सहायक आयुक्त यदुराज दहातोंडे ने बताया कि विभाग नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण कर खाद्य नमूने एकत्रित करता है। साथ ही व्यापारियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन शिविर और खाद्य लाइसेंस संबंधी विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाता है।

वीआईपी कार्यक्रमों में भी खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी

जिले में आने वाले मंत्रियों और अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों वीआईपी को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच की जिम्मेदारी भी खाद्य विभाग की होती है। विभागीय जांच के बाद ही भोजन परोसा जाता है तथा बाहर से भोजन मंगाने की अनुमति नहीं होती।

नागरिकों से शिकायत करने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थ या निम्न गुणवत्ता की दवाएं बिकती दिखाई दें तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें।हेल्पलाइन या अन्य माध्यम से शिकायत मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

तत्काल शिकायत करें

सहायक आयुक्त, खाद्य विभाग भंडारा के यदुराज दहातोंडे ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। कहीं भी मिलावटी या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री दिखाई दे तो तत्काल शिकायत करें।

सलाह से लें दवाएं

भंडारा के प्रभारी औषधि निरीक्षक मोनिका वी. धवड ने कहा किरोगियों को हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाएं लेनी चाहिए। स्वयं की मर्जी से दवा लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

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